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वेदांता एल्युमीनियम ने झारसुगुड़ा में ओडिशा की पहली पूर्णतः महिला पॉवर यूनिट तैनात की

135 मेगावाट की पॉवर यूनिट, जिसका संचालन पूर्णतः महिला तकनीकी टीम द्वारा किया जाएगा
रायपुर/ भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी, वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा की पहली पूर्णतः महिला पॉवर ऑपरेशंस टीम को तैनात किया है। यह टीम झारसुगुड़ा स्थित इसकी 135 मेगावाट की पॉवर यूनिट का संचालन संभालेगी, जो विश्व के सबसे बड़े एल्युमीनियम संयंत्र का हिस्सा है। महिला दिवस 2026 से पूर्व यह पहल कंपनी की अपने सभी परिचालनों में विविधतापूर्ण कार्यस्थल निर्माण की प्रतिबद्धता की महत्वपूर्ण पुनर्पुष्टि है, साथ ही भारत के खनन एवं धातु उद्योग में व्यापक समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।

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आधुनिक एल्युमीनियम स्मेल्टर्स के प्रभावी संचालन के लिए ऊर्जा की निरंतर और विश्वसनीय आपूर्ति आवश्यक होती है, जिससे पॉवर ऑपरेशंस संपूर्ण एल्युमीनियम निर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण घटक बन जाता है। वेदांता एल्युमीनियम के झारसुगुड़ा स्थित मेगा संयंत्र में 3615 मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता स्थापित है, जिसमें 600 मेगावाट की 4 इकाइयाँ तथा 135 मेगावाट की 9 इकाइयाँ शामिल हैं। पूर्णतः महिला टीम अब 135 मेगावाट की एक संपूर्ण तापीय विद्युत उत्पादन इकाई के दैनिक संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी।

व्यावसायिक भागीदार एनजीएसएल के साथ साझेदारी में शुरू की गई इस पहल के तहत विभिन्न संचालन एवं अनुरक्षण भूमिकाओं, जैसे डेस्क इंजीनियर, टर्बाइन ऑपरेटर, मिल ऑपरेटर, स्विचगियर ऑपरेटर आदि में योग्य महिला इंजीनियर्स की नियुक्ति की गई है। ये सभी इंजीनियरिंग की विविध शाखाओं, जैसे इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल का प्रतिनिधित्व करती हैं। चयनित टीम सदस्यों को तकनीकी, परिचालन एवं नेतृत्व क्षमता निर्माण हेतु छह माह का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान किया जाएगा, जिसमें ऑन-साइट तथा कक्षा-आधारित प्रशिक्षण का संयोजन शामिल होगा।

इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव कुमार, सीईओ, वेदांता एल्युमीनियम ने कहा, “यह पहल दिखाती है कि महिलाएँ अब केवल भारी उद्योग में काम ही नहीं कर रहीं, बल्कि महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व भी कर रही हैं। 135 मेगावाट की पॉवर यूनिट की जिम्मेदारी पूरी तरह महिला टीम को सौंपना हमारे इस विश्वास को दर्शाता है कि नेतृत्व की असली पहचान योग्यता से होती है। वर्ष 2030 तक 30% महिला भागीदारी के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, हम भारत में समावेशी औद्योगिक विकास के नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

ओडिशा आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, राज्य में महिला श्रम बल भागीदारी दर 2022 में 37.6% से बढ़कर 2024 में 48.7% हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इसी सकारात्मक रुझान के अनुरूप, वेदांता एल्युमीनियम औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार सार्थक अवसर तैयार कर रही है। झारसुगुड़ा में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं, जिनमें भारत की पहली पूर्णतः महिला पॉटलाइन टीम, कंपनी की पहली पूर्णतः महिला लोकोमोटिव क्रू तथा ‘अग्निवाहिनी’ पूर्णतः महिला अग्निशमन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम शामिल हैं। साथ ही, ‘श्री शक्ति’ पहल के माध्यम से ओडिशा में रात्रि पाली (नाइट शिफ्ट) में महिलाओं को नियुक्त करने वाली यह पहली कंपनी बनी। इसके अतिरिक्त, कंपनी जीवन के विभिन्न चरणों में महिलाओं को सहयोग प्रदान करती है, जिसमें लचीली कार्य व्यवस्था और ‘नो-क्वेश्चन-आस्क्ड’ वर्क-फ्रॉम-होम नीति शामिल है। साथ ही, विशेष विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च क्षमता वाली महिला नेताओं की पहचान कर उनके नेतृत्व कौशल को भी विकसित किया जा रहा है।

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Manoj Mishra

Editor in Chief

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