इस नए कानून के तहत दैनिक काम के घंटे 9 से बढ़ाकर 10 कर दिए गए हैं और लगातार काम करने की अवधि 5 घंटे से बढ़ाकर 6 घंटे कर दी गई है. तीन महीने में ओवरटाइम की अधिकतम सीमा 125 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है. सरकार का मानना है कि इससे उत्पादकता बढ़ेगी और उद्योगों को ज्यादा लचीलापन मिलेगा.
छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत
अब यह कानून केवल 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली दुकानों और संस्थानों पर लागू होगा. पहले यह सीमा 10 कर्मचारी थी. इससे हजारों छोटे व्यापारियों को अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया से राहत मिलेगी, हालांकि उन्हें ऑनलाइन सूचना देनी होगी. सरकार का कहना है कि इससे स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारियों का बोझ कम होगा.
महिलाओं को नाइट शिफ्ट की अनुमति
नए नियमों के तहत महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे के बीच काम कर सकेंगी. हालांकि इसके लिए मालिक को महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करनी होगी. परिवहन सुविधा, अलग आराम कक्ष और शौचालय जैसी सुविधाएं देना अनिवार्य होगा. सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगेश्रम मंत्री ने कहा कि यह सुधार न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन की नीति के अनुरूप है. सरकार का दावा है कि इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और गुजरात के आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी. यह कदम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में राज्य की भूमिका को मजबूत करेगा. कुल मिलाकर, गुजरात सरकार का यह विधेयक उद्योगों को ज्यादा लचीलापन देने, छोटे व्यापारियों को राहत देने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी.





