भारतीय रेलवे के मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर की जलवा इस समय पूरी दुनिया देख रही है। पटरियों पर सरपट दौड़ती वंदे भारत स्लीपर और तेजस जैसी अनेक ट्रेनों ने भारतीय रेलवे के नाम को वैश्विक क्षितिज पर चमकता सितारा बना दिया है। रेलवे के अभूतपूर्व कार्यों ने ये सिद्ध कर दिया है कि हमारा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर दुनिया के उन तमाम देशों के रेल ढांचे से बेहतर है जो खुद को विकसित होने का दंभ भरते हैं। भारतीय रेलवे का शानदार काम आपको भारत के हर रेलवे स्टेशन पर रोजाना देखने को मिलता होगा। मगर, ऐसे रेलवे स्टेशनों पर जाकर कभी आपने ये सोचा है कि, आखिर भारत के किस रेलवे स्टेशन के पास सबसे ज्यादा प्लेटफॉर्म होंगे ? यदि नहीं तो आज हम आपको बताएंगे कि भारत में किस रेलवे स्टेशन के पास सबसे ज्यादा प्लेटफॉर्म हैं ?
भारत का सबसे अनोखा रेलवे स्टेशन
दरअसल, भारत के इस अनोखे रेलवे स्टेशन (India’s Weird Railway Station) के पास सबसे ज्यादा कुल 23 प्लेटफॉर्म हैं और इस क्षेत्रफल भी काफी ज्यादा है। इस रेलवे स्टेशन की कुछ और खास बातों को इस प्रकार से समझा जा सकता है :
- यह रेलवे स्टेशन सबसे पुराना, व्यस्त और सबसे बड़ा है। यह करीब 60-70 एकड़ में फैला हुआ है।
- 1854 में स्थापित, यह अपनी ऐतिहासिक लाल-ईंट की इमारत के लिए भी प्रसिद्ध है।
- यह इकलौता ऐसा रेलवे स्टेशन है जिसके दो प्लेटफॉर्म के बीच में से रोड निकलती है जिस पर आप उपलब्धता की स्थिति में गाड़ी खड़ी कर सकते हैं।
किस रेलवे स्टेशन के पास 23 प्लेटफॉर्म हैं
यदि अब भी आप नहीं समझ पाए हैं तो बता दें कि, कोलकाता का हावड़ा जंक्शन (Howrah Junction) इकलौता ऐसा रेलवे स्टेशन है जिसके पास 23 रेलवे प्लेटफॉर्म हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर कर गई पोस्ट
इंस्टाग्राम पर startup_series नामक हैंडल से हावड़ा जंक्शन (Howrah Junction Interesting Facts) के बारे में कुछ फैक्ट्स बताए गए हैं। इसके कैप्शन में लिखा है कि, ‘पश्चिम बंगाल में स्थित हावड़ा जंक्शन, भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है, जबकि आम धारणा यही है कि यह दिल्ली या मुंबई में है। यह व्यस्त स्टेशन 23 प्लेटफार्मों से सुसज्जित है और प्रतिदिन 6 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान करता है, जिससे यह देश का सबसे व्यस्त स्टेशन बन गया है। राजधानी एक्सप्रेस, दुरंतो एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख सेवाओं सहित 280 से अधिक ट्रेनों के साथ, हावड़ा जंक्शन पूर्वी और दक्षिणी भारत तथा शेष राष्ट्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है। ब्रिटिश शासन के तहत 1854 में स्थापित और 1906 तक पूरी तरह से चालू हो चुका हावड़ा जंक्शन वर्षों में काफी विकसित हुआ है। यह स्टेशन 70 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है और वाईफाई, फूड कोर्ट और वेटिंग रूम सहित विभिन्न सुविधाएं प्रदान करता है। हालांकि, रेलवे अधिकारियों को यात्रियों और रेल यातायात की भारी संख्या के प्रबंधन में लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे अक्सर भीड़भाड़ होती है। हाल ही में शुरू की गई पहलों का उद्देश्य स्टेशन का आधुनिकीकरण करना है, जिसमें प्लेटफार्म नंबरों में सुधार और डिजिटल टिकट खरीद की सुविधा प्रदान करना शामिल है। भविष्य की योजनाओं में आधुनिक सुविधाओं की शुरुआत और हाई-स्पीड रेल के लिए एक अधिक एकीकृत परिसर का निर्माण शामिल है। हावड़ा जंक्शन न केवल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि अपने भव्य आकार, ऐतिहासिक वास्तुकला और सुरम्य हावड़ा ब्रिज और आसपास के बाजारों की निकटता के कारण पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।’





