जब बात देश के राजघरानों की होती है, तो सबसे पहला ध्यान उनके शाही पहनावे और गहनों पर ही जाता है। सोचकर तो लगता है कि राजा- रानी शाही पोशाक पहनकर बेशकीमती गहनों में लदे रहते होंगे, लेकिन सच्चाई काफी अलग है। अब मेवाड़, उदयपुर की महारानी निवृत्ति कुमारी को ही देख लीजिए, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए अपने पूरे परिवार के साथ एकदम सादगी में पहुंचीं। साथ ही सबको सीख दे गईं कि कैसे सादी- सी साड़ी में भी रॉयल लगा जा सकता है।दरअसल, महारानी अपने पूरे परिवार के साथ नई दिल्ली में संसद भवन पहुंचीं। जहां उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। जहां सबका बेहद-ही सिंपल और क्लासी देसी लुक देखने को मिला। जिसे उन्होंने सादगी के साथ पूरा किया और फिर भी शाही ठाठ दिखाने में पीछे नहीं रहे। जहां महारानी का सिर पर पल्लू लिए संस्कारी रूप दिल जीत गया
महारानी निवृत्ति के साथ उनके पति और मेवाड़ सदन के 77वें संरक्षक लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ भी देसी लुक में दिखे। उन्होंने गोल्डन कुर्ते के साथ सफेद पजामा पहना और ब्लैक हाफ जैकेट पेयर करके लुक को क्लासी रूप दे दिया।
वहीं, राजकुमारी मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ और प्राणेश्वरी कुमारी मेवाड़ सूट में सुंदर लगीं, तो राजकुमार हरितराज सिंह मेवाड़ सफेद कुर्ता- पजामा और प्रिंटेड रेड जैकेट में क्यूट नजर आए।
आखिर में महारानी की मां और बलांगीर सांसद संगीता कुमारी सिंह देव लाल और सफेद प्रिंटेड साड़ी में सुंदर लगीं, तो उनके पति कनक वर्धन सिंह देव का ग्रे कुर्ता, सफेद धोती और ब्लैक प्रिंटेड जैकेट में देसी रूप बढ़िया लगा।बात करें, तो उन्होंने रेड और येलो कलर की बांधनी साड़ी पहनी है। जिनका कलर कॉम्बो ही इतना रिच है कि ये उन्हें क्लासी लुक दे गया। जिसे जॉर्जेट के फैब्रिक से तैयार किया गया है। जिस पर वाइट डॉट्स से बना प्रिंटेड पैटर्न इसकी खूबसूरती को बढ़ा रहा है और इसे राजस्थानी टच दे गया। वहीं, रेड पल्लू और बॉर्डर एरिया में डॉट्स को थोड़ा और डेंस और हाइलाइटेड रखा, जिससे साड़ी स्ट्रक्चर्ड लगी। जिसे सिर पर पल्लू लेते हुए उन्होंने ड्रैप किया और बेहद खूबसूरत लगीं।सादी- सी है ही, लेकिन उनका इसे स्टाइल करने का तरीका भी बेहद सिंपल है। उनके हाथ में लाल और गोल्डन कलर के कंगन नजर आ रहे हैं, तो वह अंगूठी और स्टड इयररिंग्स पहने हुए हैं। वहीं, माथे पर लाल बिंदी और मांग में सिंदूर लगाकर उन्होंने लुक पूरा किया। जहां हेयर स्टाइल और मेकअप को भी एकदम सटल रखा, जो ही उनके लुक की खूबसूरती बन गया।इसमें कपड़े के छोटे- छोटे हिस्सों को धागों से बांधा जाता है और फिर उसे हल्के गहरे रंगों में रंगा जाता है। सूखने के बाद धागों को खोलते हैं, जो खूबसूरत बिंदु जैसे पैटर्न बना देता है। जिसे ही बांधनी प्रिंट कहा जाता है।बांधनी’ शब्द संस्कृत भाषा के ‘बंधना’ या ‘बंध’ से लिया गया है। जिसका मतलब होता है ‘बांधना’। जिसे साड़ी बनाने की तकनीक को ध्यान में रखकर ही चुना गया। इसे बंधेज साड़ी भी कहा जाता है, जो गुजरात ही नहीं राजस्थान में भी वर्षों से बनती आ रही है। जिसका लाइटवेट पैटर्न क्लासी लुक देता है। यही वजह भी है कि दोनों राज्यों की साड़ियां देशभर में काफी फेमस हैं।
- असली साड़ी हाथ से रंगी जाती है, जिसके बिंदु थोड़े असमान होते हैं, जबकि नकली साड़ियों में एकदम बराबर बिंदु नजर आते हैं।
- दो साड़ी कभी एक जैसी नहीं होती, इसलिए साड़ी में थोड़ा बहुत अंतर और खामियां मिले, तो समझ जाइए कि वो असली है।
- असली साड़ी के रंग पक्के होते हैं, जिन्हें प्राकृतिक तरीकों से रंगा जाता है। गीले रुमाल से रगड़ने पर साड़ी का रंग उस पर नहीं चढ़ेगा।
- असली साड़ी में पैटर्न पीछे की ओर भी साफ तरीके से दिखता है।





