भिलाई। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट केवल एक वित्तीय विवरण नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण का एक सशक्त ब्लूप्रिंट है। जहां विपक्ष केवल भ्रम फैलाता है वहीं मोदी सरकार ने वित्तीय घाटे को 4.3 प्रतिशत पर सीमित रख कर यह दिखा दिया है कि आर्थिक अनुशासन और जन-कल्याण साथ-साथ चल सकते हैं। जहां एक ओर यह बजट नकारात्मक राजनीति के मुंह पर तमाचा है वहीं युवा शक्ति, अन्नदाता और बुनियादी ढांचे को समर्पित भी है।
श्री सेन ने कहा कि यह बजट अंत्योदय के मंत्र को साकार करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने वाला है। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का प्रावधान किया है, जो देश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। इससे न केवल सड़कें और पुल बनेंगे, बल्कि लाखों नए रोजगार भी सृजित होंगे।
कृषि क्षेत्र में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और 500 जलाशयों के एकीकृत विकास की घोषणा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी। बायो फार्मा शक्ति योजना, कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाना मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत है। आयकर की नई व्यवस्था में ₹12.75 लाख तक की आय को कर मुक्त रखने और स्टेंडर्ड डिडक्शन के लाभों को निरंतर रखना मध्यम वर्ग की बचत बढ़ाने वाला कदम है। हाई स्पीड रेल और कनेक्टिविटी से यात्रा का समय कम होगा और व्यापार बढ़ेगा। डेढ़ लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को प्रशिक्षित करने और 15 हजार स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने का निर्णय भविष्य की पीढ़ी को तैयार करने वाला है।
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