*जरूरतमंद परिवारों की सही पहचान के लिए ”सीजी-से” योजना अंतर्गत चयन समिति को दिया जा रहा प्रशिक्षण*
*पारदर्शी और सहभागितापूर्ण हितग्राही चयन को लेकर दी जा रही जानकारी*
कवर्धा, जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत संचालित उप-योजना ”सीजी-से” (छत्तीसगढ़ समावेशी आजीविका योजना) का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को चिन्हांकित कर उन्हें आजीविका से जोड़ना है। इसी उद्देश्य को सफल बनाने के लिए कबीरधाम जिले में ग्राम संगठन स्तर पर गठित चयन समिति के सदस्यों को सतत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण इसलिए आवश्यक है ताकि चयन समिति के सदस्य सही तरीके से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर सकें और योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी एवं निष्पक्ष रूप से पहुंचाया जा सके।
जिले के विकासखंड पंडरिया, बोड़ला और सहसपुर लोहारा में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 05 जनवरी 2026 से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में चयन समिति के सदस्यों को यह बताया जा रहा है कि किस प्रकार सरल, पारदर्शी और सहभागिता के साथ लक्षित परिवारों का चयन किया जाए। इसके अंतर्गत पीआरए गतिविधियाँ, सामाजिक मानचित्र बनाना, घर-घर सर्वेक्षण करना, सर्वे फार्म भरने की प्रक्रिया और चयन के मापदंडों की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान उदाहरणों और समूह गतिविधियों के माध्यम से यह समझाया जा रहा है कि समुदाय की भागीदारी से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की पहचान कैसे की जा सकती है, ताकि योजना का लाभ सही पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। इस प्रशिक्षण से ग्राम संगठन की चयन समिति के सदस्यों की क्षमता में वृद्धि होगी और सीजी-से योजना के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में ग्राम संगठन की दीदियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे जमीनी स्तर पर योजना को मजबूती मिल रही है। सीजी-से योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है।





