छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के किसानों की बल्ले-बल्ले, खत्म हुई ऑनलाइन टोकन की अनिवार्यता, समिति से ऑफलाइन टोकन कटना शुरू

सरगुजा:15 नवंबर से पूरे छत्तीसगढ़ में धान खरीदी चल रही है. 31 जनवरी 2026 तक ये धान खरीदी शासन के द्वारा की जाएगी. धान खरीदी का आधे से ज्यादा काम पूरा किया जा चुका है. जब से धान खरीदी की शुरूआत हुई है, तब से किसान ऑनलाइन टोकन मिलने में हो रही दिक्कतों को लेकर शिकायत कर रहे थे.

किसानों की बल्ले-बल्ले

किसानों का कहना था कि उनको तीन तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अच्छी बात ये है की इनमे से दो मसलों पर सरकार ने रियायत दी है. इस बार किसान ऑनलाइन टोकन, एग्री स्टेक और वन अधिकार पत्र के मामले में परेशान थे. अब सरकार ने न सिर्फ एग्री स्टैक में पंजीयन की तारीख को बढाकर 15 जनवरी किया बल्कि आज से प्रदेश में ऑफलाइन टोकन काटने की लिमिट को भी समाप्त कर दिया गया है. जिसके बाद अब सभी किसानों का ऑफलाइन टोकन समिति में कटकर मिलेगा.

खत्म हुई ऑनलाइन टोकन की अनिवार्यता, समिति से ऑफलाइन टोकन कटना शुरू

सरकार के इस फैसले से किसान और समिति प्रबंधक काफी खुश हैं, क्योंकी इससे पहले जब ईटीवी भारत ने धान खरीदी केन्द्रों की पड़ताल की थी तो उसमे टोकन ना कट पाने की समस्या सामने आई थी. प्रतिदिन टोकन की लिमिट कम थी, जो ऑनलाइन में ही फुल हो जाती थी. समिति में आने वाले किसानों को वापस लौटना पड़ता था. इस समस्या से जुड़ी खबर दिखाए जाने के बाद सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने ना सिर्फ टोकन की लिमिट बढ़ाई बल्कि इस समस्या पर शासन से बातचीत कर उसका समाधान भी निकाला. जिसके बाद आज से टोकन की समस्या पूरे प्रदेश में समाप्त हो चुकी है. क्योंकी अब धान खरीदी केंद्र में ही ऑफलाइन टोकन काटा जाएगा.

किसान हुए खुश

सरगुजा के सीतापुर धान खरीदी केंद्र में ऑफलाइन टोकन काटना शुरू भी हो चुका है. किसान खुश हैं, एक बुजुर्ग किसान ने बताया की वो मोबाइल भी नही चलाना जानते हैं. ऐसे में ऑनलाइन टोकन कटाना उनके लिए मुश्किल होता था. अब जब ऑफलाइन टोकन समिति से मिल रहा तो उनकी दिक्कत समाप्त हो गई है

इधर एग्रीस्टेक में कैरी फारवर्ड की समस्या वाले किसानों को अपना ऑनलाइन पंजीयन कराना है. इसकी भी समय सीमा 15 जनवरी तक कर दी गई है. किसान अब भी पंजीयन करा सकते हैं, लेकिन तीसरी समस्या जस की तस है, वह है वन अधिकार पत्र वाले किसानो का धान समिति में नही बिक रहा. सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.

धान खरीदी से जुड़ी बड़ी बातें

  • सरकार ने सामान्य धान और ग्रेड-ए धान के लिए अलग-अलग MSP तय की है.
  • 2025-26 के लिए लगभग ₹2369 (सामान्य) और ₹2389 (ग्रेड-ए) प्रति क्विंटल.
  • धान की खरीद के लिए एक विशेष अवधि होती है, जो आमतौर पर नवंबर से फरवरी तक चलती है.
  • 2025-26 के लिए 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी होनी है.
  • किसान सरकारी केंद्र में अपनी उपज बेचते हैं.
  • धान खरीदी केंद्रों की संख्या और जगह जिला प्रशासन तय करता है.
  • ‘टोकन तुंहर हाथ’ जैसे ऐप्स और वेबसाइटों के ज़रिए किसान ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर रहे.
  • आज से ऑफलाइन टोकन लेने की व्यवस्था भी शुरू हो गई.
  • किसान के उपज को डिजिटल तौल और गुणवत्ता जांच के बाद लिया जा रहा.
  • धान बेचने वाले किसानों को 24-48 घंटे के भीतर बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा.
  • छत्तीसगढ़ में मार्कफेड (छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित) जैसी संस्थाएं धान खरीदी और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button