इन दिनों हर कोई बस ठंड की ही बात कर रहा है। मोटी-मोटी जैकेट पहनने के बाद भी लोगों को ठंड लग रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर जैकेट कड़कड़ाती ठंड नहीं झेल पाती है। आपको सही जैकेट चुननी होगी, नहीं तो कपड़े के ऊपर कपड़ा और ऊपर से जैकेट पहनने के बाद भी फायदा नहीं मिलेगाबहुत ठंड है ना? सुबह-शाम बस लोग यही सोच रहे हैं कि आखिर ठंडी लहरों के प्रकोप से बचा कैसे जाए। आलम यह है कि मोटे-मोटे कपड़े पहनने के बाद भी सर्दी से राहत नहीं मिल रही है। कई लोगों के मन में सवाल है कि आखिर जैकेट पहनने के बाद भी ठंड क्यों लग रही है? तो बता दें कि इसमें आपकी जैकेट की गलती नहीं है। ठंड इतनी है कि हर जैकेट पहनने पर आपको फायदा नहीं मिलेगा। यही वजह से ही कपड़े के ऊपर कपड़ा पहनने के बाद भी घर से बाहर निकलते ही ठंड लगने लग जाती है।सही जैकेट चुनने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। जैसे जैकेट किस मटेरियल से बनी है और वो विंडप्रूफ है या नहीं। तब आप बहुत सारे कपड़े पहने बिना भी ठंड से बच पाएंगे। (ठंड अगर कम हो तो किसी भी तरह की जैकेट पहनी जा सकती है। लेकिन ज्यादा ठंडे मौसम में हर जैकेट काम नहीं आएगी। जैसे – पॉलिएस्टर और । इनको पहनने से बेशक लुक स्टाइलिश तो दिख सकता है, लेकिन ठंडी लहरों से राहत नहीं मिलेगी।अगर आप यह सोच रहे हैं कि आपने स्वेटर के ऊपर इन जैकेट को पहना है तो आप ठंड से बच जाएंगे, तो भी आप गलत हैं। क्योंकि न ही आपकी स्वेटर विंडप्रूफ है और न ही पॉलिएस्टर- डेनिम की जैकेट, तो लाजमी है कि आपको कपड़े पहनने के बाद भी ठंड लगेगी ही।आपको डाउन फेदर जैकेट और पफर जैकेट चुननी होगी। इन दोनों जैकेट की बाहरी परत को इस तरह बनाया जाता है कि ठंडी लहरों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। डाउन फेदर जैकेट इसलिए अलग है क्योंकि इसको बनाने के लिए हंस या बतख के मुलायम पंखों का इस्तेमाल किया जाता है जो गर्मी देते हैं। यह जैकेट विंडप्रूफ और वाटर-रेसिस्टेंट होती है।पफर जैकेट भी कई तरह की मिलती हैं। लेकिन आपको जैकेट खरीदते वक्त 3 पॉइंट का ध्यान रखना होगा। जो जैकेट वॉटरप्रूफ, वॉटर-रेसिस्टेंट और विंडप्रूफ हो हमेशा उसे ही खरीदें। ऐसी जैकेट की बाहरी परत पानी और हवा को झेल पाती है। साथ में इस बात का भी ध्यान रखें कि जैकेट के साथ टोपी भी जुड़ी हो ताकी कान भी हवाओं से बचे रहेंजैकेट की जिप बंद होने के बाद भी कई बार हाथ के अंदर हवा जाती है। इस दिक्कत से बचने के लिए आपको ऐसी जैकेट चुननी होगी कि कफ्स पर इलास्टिक लगे हों। इससे आपकी जैकेट को सही फीट मिलेगा और आप हवा से बचे रहेंगे। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इलास्टिक ज्यादा टाइट न हो, नहीं तो आपको हाथ में दिक्कत होगी।
अच्छी जैकेट चुनने के साथ-साथ आप जैकेट के नीचे थर्मल भी पहन सकते हैं। इससे आपको गर्माहट मिलेगी। थर्मल भी कई तरह के आते हैं। ज्यादा ठंड हो तो आप फुल स्लीव्स वाला थर्मल पहन सकते हैं। जबकि ठंड कम हो तो आप कट स्लीव्स और शॉर्ट स्लीव्स वाला थर्मल चुन सकते हैं।
इन सारे पॉइंट का आप ध्यान रखेंगे तो इस कड़कड़ाती ठंड में आपको राहत मिलेगी और आप सर्दी-जुकाम की परेशानी से बच पाएंगे।





