छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा प्रदेशभर में जारी आंदोलन के कारण सरकारी कार्यालय सूने रहे। फेडरेशन की कलम बंद-काम बंद हड़ताल के चलते इंद्रावती भवन सहित शासकीय कार्यालयों में काम ठप रहा। नगरीय निकायों के कर्मचारियों ने प्रदर्शन में भाग लिया, वहीं विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारियों ने भी अवकाश लेकर आंदोलन का समर्थन किया।
नवा रायपुर स्थित विभागाध्यक्ष, निगम, बोर्ड आदि कार्यालयों में भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कलम बंद रखकर आंदोलन का समर्थन किया, जिसके कारण वरिष्ठ अधिकारियों के लिए नवा रायपुर स्थित शासकीय कार्यालयों तक पहुंचना भी कठिन हो गया।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं संभाग प्रभारी चंद्रशेखर तिवारी की अगुवाई में जारी आंदोलन में कर्मचारी शामिल हुए। जिला संयोजक पीतांबर पटेल, नवा रायपुर विभागाध्यक्ष कार्यालय के अध्यक्ष जयकुमार साहू व नवा रायपुर संयोजक संतोष कुमार वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सडक़ पर उतरकर 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में नारा लगाया। महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदाबाजार में भी काम ठप रहा। आंदोलनकारियों का कहना है कि अब नई सहिबो, मोदी के गारंटी लेकर रहीबो।
नहीं … तो अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी
फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि सरकार शीघ्र ही सार्थक संवाद प्रारंभ नहीं करती, तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करने के लिए बाध्य होगा।
दूसरे दिन भी कलेक्ट्रेट, तहसील समेत अन्य विभाग के काम प्रभावित
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की ओर से प्रदेशभर में चल रही हड़ताल के दूसरे दिन भी काफी असर देखने को मिला। इसके चलते कलेक्टोरेट के खाद्य विभाग, राजस्व, रजिस्ट्री, महिला एवं बाल विकास, तहसील, एसडीएम समेत अन्य कार्यालयों के कार्य पूरी तरह से ठप रहे है।
दरअसल फेडरेशन के द्वारा 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलम बंद-काम बंद आंदोलन किया जा रहा है। इसको लेकर अलग-अलग संगठन ने भी अब समर्थन देना शुरू कर दिया है। हालांकि तीन दिवसीय इस हड़ताल का बुधवार को आखरी दिन है। वहीं फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि सरकार संवाद नहीं करती, तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।





