नई दिल्ली (IAS Anamika Singh VRS). उत्तर प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनामिका सिंह ने हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन दिया है. साल 2004 बैच की अधिकारी अनामिका सिंह तेज-तर्रार और कुशल प्रशासक के रूप में जानी जाती हैं. उन्होंने यूपी सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. उनके वीआरएस लेने के पीछे का कारण भी सामने आ गया है. उनका अचानक लिया गया निर्णय नौकरशाही गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
आईएएस अनामिका सिंह ने राज्य सरकार को वीआरएस का आवेदन सौंप दिया है. माना जा रहा है कि उनकी सेवा की अवधि को देखते हुए इस अनुरोध को जल्द ही स्वीकार कर लिया जाएगा. अनामिका सिंह ने हर पोस्टिंग में प्रशासनिक दक्षता और ईमानदारी की छाप छोड़ी है. उन्होंने अपने 20 साल के करियर में विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी (DM) के रूप में काम किया, जिनमें कौशांबी, हमीरपुर और बहराइच शामिल हैं. अपनी लास्ट पोस्टिंग में वह बाल विकास और पुष्टाहार विभाग की विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं.
2003 में पास की थी यूपीएससी परीक्षा
अनामिका सिंह मेधावी और उच्च शिक्षित अधिकारी हैं. उनका एकेडमिक रिकॉर्ड शानदार बताया जाता है. niyuktionline.upsdc.gov.in पर दर्ज जानकारी के अनुसार, आईएएस अनामिका सिंह ने सोशल वर्क में बीए और एमए की डिग्रियां ली हैं. उनका जन्म 29 मार्च 1978 को हुआ था. वह मूल रूप से फतेहपुर की रहने वाली हैं. 06 सितंबर 2004 को ट्रेनिंग के बाद उन्हें आईएएस के तौर पर अपॉइंट किया गया था. 06 सितंबर 2006 को प्रोबेशन पीरियड खत्म होने के बाद उन्हें बतौर आईएएस अफसर पहली पोस्टिंग मिली थी.
यूपी की चर्चित अधिकारी हैं अनामिका सिंह
आईएएस अनामिका सिंह ने अपने प्रशासनिक करियर के दौरान कई चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण पदों पर काम किया, जहां उन्होंने अपनी कार्यकुशलता साबित की.
जिलाधिकारी (DM) के रूप में: उन्होंने कौशांबी, हमीरपुर और बहराइच जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला और स्थानीय प्रशासन में महत्वपूर्ण सुधार किए.
लखनऊ में पोस्टिंग: आईएएस अनामिका सिंह ने लखनऊ में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाओं में काम किया, जिनमें लखनऊ की अपर आयुक्त (Additional Commissioner) का पद भी शामिल है.
वर्तमान पोस्टिंग: वीआरएस के आवेदन के समय वह बाल विकास और पुष्टाहार विभाग (Child Development and Nutrition Department) की विशेष सचिव के रूप में कार्यरत हैं.
कुशल प्रशासक: आईएएस अनामिका सिंह को उनकी स्पष्ट कार्यशैली, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस और विकास कार्यों को तेजी से लागू करने की क्षमता के लिए जाना जाता है.
आईएएस अनामिका सिंह ने वीआरएस क्यों लिया?
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनामिका सिंह के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) का कारण सामने आ गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर जाने के लिए राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग कर रही थीं. लंबे समय तक NOC नहीं मिल पाने की वजह से उन्होंने सरकारी नौकरी से VRS लेने का फैसला किया है. उनके आवेदन में निजी कारणों का हवाला दिया गया है. लेकिन ब्यूरोक्रेसी में उनके इस कदम को केंद्र में डेपुटेशन की अनुमति न मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है.





