कन्नौज: जैसे ही सर्दियों का मौसम शुरू होता है, त्वचा की नमी और प्राकृतिक चमक बनाए रखना बड़ी चुनौती बन जाता है. ठंडी हवाएं चेहरे की रंगत को फीका कर देती हैं और त्वचा रूखी लगने लगती है. ऐसे में कन्नौज का मशहूर गुलाब जल प्राकृतिक निखार लौटाने में कारगर साबित हो रहा है. सुगंध की नगरी कन्नौज में तैयार किया जाने वाला गुलाब जल अपनी शुद्धता और गुणवत्ता के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है.
गुलाब जल की खासियत
कन्नौज में गुलाब जल पारंपरिक ‘भाप आसवन’ तकनीक से तैयार किया जाता है. इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का रासायनिक तत्व नहीं मिलाया जाता, इसलिए यह पूरी तरह प्राकृतिक और त्वचा के लिए सुरक्षित होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें मौजूद प्राकृतिक औषधीय तत्व चेहरे की त्वचा को भीतर से पोषण देते हैं, जिससे चेहरा टाइट, मुलायम और दमकदार बनता है.
कैसे करें गुलाब जल का प्रयोग
त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि गुलाब जल को चेहरे पर हल्के हाथों से लगाना चाहिए और रगड़ना नहीं चाहिए. इससे इसके औषधीय गुण सीधे त्वचा के रोमछिद्रों में समा जाते हैं और त्वचा को गहराई से हाइड्रेशन मिलता है. सर्दियों में यह न सिर्फ रूखी त्वचा और झुर्रियों को रोकता है, बल्कि चेहरे की प्राकृतिक चमक भी बढ़ाता है.व्यापारी क्या कहते हैं
कन्नौज के इत्र कारोबारी निशीष तिवारी बताते हैं कि सर्दियों में स्थानीय गुलाब जल की मांग कई गुना बढ़ जाती है. देश के बड़े शहरों के अलावा विदेशों में भी कन्नौज का गुलाब जल निर्यात होता है. कई कॉस्मेटिक कंपनियां इसे अपने ब्यूटी प्रोडक्ट्स में प्राकृतिक घटक के रूप में इस्तेमाल करती हैं.कन्नौज का यह गुलाब जल आज हर घर की जरूरत बन गया है. विशेषज्ञ मानते हैं कि नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करने से त्वचा की रंगत, लचीलापन और चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है. सर्दियों में यदि चेहरा फीका पड़ जाए, तो कन्नौज का गुलाब जल सबसे भरोसेमंद और सस्ता उपाय साबित हो सकता है.





