*आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने जिला दण्डाधिकारी की सख्त कार्यवाही, सूरवीर देवार एक वर्ष के लिए जिला बदर।*
*वर्ष 2015 से 2023 तक 18 आपराधिक प्रकरण दर्ज, पूर्व प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों के बावजूद सुधार नहीं होने पर पारित हुआ जिला बदर का आदेश।*
कबीरधाम जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी कबीरधाम द्वारा सूरवीर देवार, पिता सुशील देवार, निवासी देवारपारा, कवर्धा के विरुद्ध छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 सहपठित धारा 5(ख) के तहत जिला बदर का आदेश पारित किया गया है।
सूरवीर देवार के विरुद्ध वर्ष 2015 से 2023 तक कुल 18 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें संपत्ति संबंधी अपराध, गाली-गलौज, मारपीट, बलवा, सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराकर भय उत्पन्न करने तथा अन्य आपराधिक कृत्यों से संबंधित मामले शामिल हैं। उसके विरुद्ध समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किए जाने के बावजूद आचरण में अपेक्षित सुधार नहीं होने का उल्लेख किया गया है।
कवर्धा नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में उसकी गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। इन गतिविधियों के कारण आम नागरिकों में भय का वातावरण निर्मित होने तथा लोगों के शिकायत करने एवं न्यायालय में साक्ष्य देने से हिचकिचाने की स्थिति उत्पन्न होना सामने आई।
प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के उपरांत जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिला बदर का आदेश पारित किया गया।सूरवीर देवार को कबीरधाम सहित खैरागढ़ – छुईखदान – गंडई, बेमेतरा एवं मुंगेली जिलों की सीमाओं से बाहर जाने तथा एक वर्ष तक सक्षम प्राधिकारी की वैधानिक पूर्वानुमति के बिना इन जिलों की सीमाओं में प्रवेश नहीं करने का निर्देश दिया गया है।
*अन्य असामाजिक तत्वों पर भी पुलिस की नजर*
कबीरधाम पुलिस द्वारा जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित कर उपलब्ध तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। आवश्यक होने पर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष जिला बदर की कार्यवाही हेतु प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
कबीरधाम पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा, लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जिले में शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु वैधानिक कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।




