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*“एक थाना–एक सप्ताह” पहल के तहत थाना पिपरिया बना पुलिस अधीक्षक कार्यालय।*
*पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव ने जनप्रतिनिधियों, फरियादियों, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों से किया सीधा संवाद।*
*जुआ-सट्टा एवं अवैध शराब सहित स्थानीय समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश, थाना स्तर की पुलिसिंग की भी की समीक्षा।*
*अगले सप्ताह थाना पंडरिया बनेगा पुलिस अधीक्षक का कार्यालय।*
कबीरधाम जिले में पुलिसिंग को अधिक जनसुलभ, संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव (IPS) द्वारा प्रारंभ की गई अभिनव पहल “एक थाना–एक सप्ताह” के अंतर्गत आज दिनांक 17.09.2026 को थाना पिपरिया को एक दिन के लिए “पुलिस अधीक्षक कार्यालय” के रूप में संचालित किया गया। इस दौरान उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री आशिष शुक्ला एवं थाना प्रभारी पिपरिया निरीक्षक श्री नितिन तिवारी उपस्थित थे।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव स्वयं थाना पिपरिया में उपस्थित रहे और थाना क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों, सम्माननीय नागरिकों, फरियादियों, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं, शिकायतों, सुझावों एवं आवश्यकताओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विषयों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*फरियादियों से सीधे संवाद, जुआ-सट्टा एवं अवैध शराब की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश।* जनसुनवाई के दौरान विभिन्न ग्रामों से पहुंचे फरियादियों एवं शिकायतकर्ताओं से पुलिस अधीक्षक ने सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। विशेष रूप से जुआ-सट्टा एवं अवैध शराब से संबंधित शिकायतों एवं स्थानीय स्तर पर उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली गई।
जिन-जिन ग्रामों से इस प्रकार की समस्याएं सामने आईं, उनके संबंध में पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना प्रभारी एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारी को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने के लिए सतत निगरानी और प्रभावी पुलिसिंग पर जोर दिया गया।
*जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों से जाना स्थानीय समस्याओं का फीडबैक* पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से आए जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों से आत्मीय संवाद कर स्थानीय स्तर की समस्याओं एवं पुलिसिंग से संबंधित विषयों की जानकारी ली। महिलाओं, पुरुषों एवं छात्र-छात्राओं से भी संवाद करते हुए उनकी आवश्यकताओं एवं सुझावों को सुना गया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याओं को समझने और उनका प्रभावी निराकरण करने के लिए पुलिस एवं जनता के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। आमजन के सहयोग एवं सहभागिता से पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी एवं जनहितैषी बनाया जा सकता है।
*थाना पिपरिया की पुलिसिंग एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा* इस दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना पिपरिया की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों एवं अन्य महत्वपूर्ण पुलिसिंग संबंधी विषयों की समीक्षा की गई। थाना क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्यप्रणाली में प्रभावी कसावट बनाए रखने पर जोर दिया गया।
*पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों से भी किया सीधा संवाद* पुलिस अधीक्षक ने थाना पिपरिया में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों से भी व्यक्तिगत एवं विभागीय विषयों पर सीधे संवाद किया। उनके कार्य संबंधी आवश्यकताओं एवं विभागीय समस्याओं की जानकारी लेकर नियमानुसार आवश्यक निराकरण के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण एवं सकारात्मक कार्य वातावरण प्रभावी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण आधार है। बेहतर कार्य वातावरण से पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और अधिक समर्पण एवं संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा कर सकेंगे।
*तीसरे थाना क्षेत्र तक पहुंची “एक थाना–एक सप्ताह” पहल* “एक थाना–एक सप्ताह” पहल के अंतर्गत थाना पिपरिया तीसरा थाना है, जहां पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं पहुंचकर एक दिन के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय संचालित किया गया। इससे पूर्व थाना सहसपुर लोहारा एवं थाना कुण्डा में यह पहल संचालित की जा चुकी है।
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य पुलिस अधीक्षक कार्यालय को सीधे फरियादियों एवं आमजन तक पहुंचाना, थाना स्तर की पुलिसिंग एवं कार्यप्रणाली में प्रभावी कसावट लाना, स्थानीय समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है।
*“पुलिस जनता के बीच और जनता पुलिस के करीब” की दिशा में निरंतर प्रयास*“एक थाना–एक सप्ताह” पहल के माध्यम से प्रत्येक सप्ताह जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस अधीक्षक स्वयं पहुंचकर संबंधित थाना को एक दिन के लिए “पुलिस अधीक्षक कार्यालय” के रूप में संचालित करेंगे। इस दौरान जनसुनवाई, स्थानीय समस्याओं का निराकरण, पुलिसिंग एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों से संवाद को प्राथमिकता दी जाएगी।
कबीरधाम पुलिस की यह पहल “पुलिस जनता के बीच और जनता पुलिस के करीब” की भावना को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास है। इसका उद्देश्य आमजन की समस्याओं को उनके क्षेत्र में ही सुनना, पुलिसिंग को अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाना तथा पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं समन्वय को और अधिक मजबूत करना है।





