*मोतीयारी और चिमरा ग्राम के शिव भक्तों ने अमरकंटक में उत्कृष्ट व्यवस्था हेतु उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का जताया आभार*
*उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के सहयोग से मृत्युंजय आश्रम में कांवड़ियों के लिए उत्कृष्ट सेवा एवं विश्राम व्यवस्था*
*श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन, पेयजल, विश्राम और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध*
कवर्धा, अगस्त 2026/ श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से आने वाले कांवड़ियों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मृत्युंजय आश्रम में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के सहयोग से व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, शुद्ध पेयजल, विश्राम, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे हजारों कांवड़ यात्रियों को यात्रा के दौरान राहत और सुविधा मिल रही है।
मृत्युंजय आश्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंच रहे कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत किया जा रहा है। इसी क्रम में कवर्धा के ग्राम मोतीयारी और चिमरा के ग्रामीण भक्तिभाव से अमरकंटक पहुंचे जहां उन्होंने उत्कृष्ट व्यवस्था का लाभ लिया। ग्राम मोतीयारी के ईश्वर जायसवाल ने कहा कि पहले जब कावड़ यात्रा होती थी, हर व्यवस्था के लिए तरस जाते थे बॉर्डर पर भी समस्या होती थी, अब उप मुख्यमंत्री की पहल से हर जगह पर उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो रहीं है।
अमरकंटक में स्थित मृत्युंजय आश्रम में ठहरने, भोजन करने और विश्राम करने की समुचित व्यवस्था के साथ सेवा में जुटे स्वयंसेवक पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ यात्रियों की सहायता कर रहे हैं। उन्होंने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के सहयोग से उन्हें यात्रा के दौरान सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में सभी आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं।
श्रद्धालुओं ने इस सेवा भावना के लिए उप मुख्यमंत्री तथा मृत्युंजय आश्रम के सेवा कार्यों से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं कांवड़ यात्रा को और अधिक सुगम और सुविधाजनक बना रही हैं। अमरकंटक के साथ ही राजानवागांव धान खरीदी केंद्र, नया मंडी परिसर कवर्धा, पुराना रेस्ट हाऊस-छिरहा, अम्बेडकर भवन कवर्धा, डोंगरिया मेला परिसर, लमनी, भोरमदेव तालाब के उस पार धर्मशाला, खुड़िया में भी व्यवस्थाएं की गई हैं।





