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जल जीवन मिशन की हकीकत, अमेठी में 4.13 करोड़ रुपये से निर्मित पानी की टंकी में से एक बूंद पेयजल नहीं

अमेठी। उत्तर प्रदेश में सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना पटरी से उतर चुकी है। प्रदेश में इसको लेकर जोरदार हंगामा भी हो रहा है, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

ताजा प्रकरण भादर के तहत गुड़ूरी गांव में 4.13 करोड़ रुपये की लागत से बने ओवरहेड वाटर टैंक का है। पेयजल की यह परियोजना ग्रामीणों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। एक वर्ष पहले योजना को पूर्ण दिखाकर चालू कर दिया गया था, लेकिन शुरुआती 15-20 दिनों की जलापूर्ति के बाद आज तक ग्रामीणों को एक बूंद शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हुआ।ग्रामीणों का कहना है कि पाइप लाइन टूटी पड़ी है तो कहीं टोंटी तक नहीं लगी है। यहां पर तो नलकूप चालक भी मौके पर नहीं मिलता। कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं किया, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।

अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी

ग्रामीणों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन करते हुए जल जीवन मिशन के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सभी खामियां दूर कर नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो बड़े आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

पाइप लाइन को लेकर कुछ विवाद

जल जीवन मिशन के अवर अभियंता सतीश यादव ने बताया कि पाइप लाइन को लेकर कुछ विवाद है। विवाद का समाधान होते ही जल्द ही जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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