देश दुनिया

गिरगिट की ‘फुफेरी बहन’ है झील, रंग बदलने में एक्सपर्ट, दिन में पांच बार बदलती है कलर!

प्रकृति कभी-कभी ऐसे चमत्कार दिखाती है कि इंसान दंग रह जाता है. गिरगिट रंग बदलने के लिए मशहूर है, लेकिन लद्दाख की एक झील उसे भी मात दे देती है. यह है विश्व प्रसिद्ध पांगोंग त्सो झील, जिसे लोग ‘रंग बदलने वाली झील’ या सोशल मीडिया पर ‘गिरगिट की फुफेरी बहन’ कहा जा रहा हैयह झील दिन में पांच बार तक अपना रंग बदल लेती है और हर बार नया-नया नजारा पेश करती है. पांगोंग त्सो लद्दाख की सबसे ऊंचाई वाली झीलों में से एक है. समुद्र तल से करीब 4350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झील भारत और चीन की सीमा पर फैली हुई है. इसकी लंबाई 134 किलोमीटर है, जिसमें से एक तिहाई हिस्सा भारत में और बाकी चीन (तिब्बत) में है.कैसे बदलता है रंग?
सुबह के समय जब सूरज की नरम किरणें पड़ती हैं तो झील का पानी गहरा नीला नजर आता है. जैसे-जैसे दिन चढ़ता है और सूर्य का कोण बदलता है, पानी टर्किश ब्लू, फिर हरा-नीला (एमरल्ड ग्रीन) हो जाता है. दोपहर में यह हल्का हरा या आसमानी रंग दिखाता है. शाम को सूर्यास्त के समय पानी गोल्डन, नारंगी और कभी-कभी लाल-गुलाबी छटा बिखेरता है. यह चमत्कार सूर्य की रोशनी, झील के स्वच्छ पानी, खनिज तत्वों और आसपास के बर्फीले पहाड़ों के रंगों के प्रतिबिंब के कारण होता है. वैज्ञानिकों के अनुसार पानी में मौजूद सोडियम और अन्य खनिज भी रंग बदलने में मदद करते हैं.पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना
पांगोंग झील ‘3 Idiots’ फिल्म की वजह से और भी प्रसिद्ध हो गई. फिल्म में आमिर खान और करीना कपूर की गानों वाली सीन यहीं शूट हुई थी. अब हर साल हजारों पर्यटक यहां आते हैं. लोग कहते हैं कि झील को देखते रहो, हर घंटे नया रंग दिखाई देगा. खासकर सूर्योदय और सूर्यास्त का समय सबसे खूबसूरत होता है.

अनोखी विशेषताएं
यह झील मीठे पानी की नहीं बल्कि खारे पानी की है.
सर्दियों में पूरी झील जम जाती है और बर्फ की चादर बन जाती है.
यहां पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं.
आसपास बर्फीले पहाड़ और रेगिस्तानी इलाका एक साथ नजर आता है.

 

 

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button