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सड़क का बोझ अब उठाएगी रेल, जम्मू से आरओ-आरओ सेवा शुरू, ट्रक आपरेटरों का खर्च घटेगा और हाइवे होंगे सुरक्षित

जम्मू। जम्मू रेल मंडल ने जम्मू से रोल-आन/रोल-आफ (आरओ-आरओ) यानी ट्रक-आन-ट्रेन सेवा शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सोमवार को हितधारकों की एक बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक, जम्मू विवेक कुमार ने की, जिसमें वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल और वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक सहित रेलवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में जम्मू-कश्मीर ट्रक एसोसिएशन, इंडियन चैंबर आफ कामर्स, किसान उत्पादक संगठनों तथा लाजिस्टिक्स और व्यापार क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में इस सेवा को श्रीनगर तक विस्तारित करने की भी योजना है।

मल्टीमाडल परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी

प्रस्तावित आरओ-आरओ सेवा के तहत लदे हुए ट्रकों को विशेष रूप से तैयार रेलवे वैगनों पर चढ़ाकर लंबी दूरी तक रेल मार्ग से पहुंचाया जाएगा। रेलवे का मानना है कि इससे सड़क और रेल नेटवर्क के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा तथा मल्टीमाडल परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस सेवा से ट्रक आपरेटरों को ईंधन खर्च, टोल टैक्स और वाहनों के रखरखाव में राहत मिलेगी। साथ ही राजमार्गों पर भारी वाहनों की संख्या कम होने से यातायात दबाव घटेगा और सड़क सुरक्षा में भी सुधार आएगा। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्र में यह सेवा काफी उपयोगी साबित हो सकती है, जहां खराब मौसम और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क अक्सर प्रभावित होता है।

ऐसे समय में आरओ-आरओ सेवा के माध्यम से माल की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित नहीं होगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि प्रस्तावित माडल के तहत ट्रक निर्धारित रेलवे टर्मिनलों पर पहुंचेंगे और विशेष रैंप के जरिए वैगनों पर चढ़ाए जाएंगे। इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से बांधकर ट्रेन के माध्यम से गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा, जहां ट्रकों को उतारा जाएगा।

 

 

Manoj Mishra

Editor in Chief

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