नई दिल्ली। इटली के मतदाताओं ने प्रधानमंत्री जोर्जिया मेलोनी द्वारा समर्थित प्रमुख न्यायिक सुधारों को जोरदार ढंग से खारिज कर दिया है। इससे अगले वर्ष होने वाले आम चुनावों से पहले मेलोनी के दक्षिणपंथी गठबंधन और खुद उनकी राजनीतिक साख बड़ा झटका लगा है।22-23 मार्च को हुए जनमत संग्रह के बाद अधिकतर वोटों की गिनती हो चुकी है
विपक्ष समर्थित ”नहीं” गुट को लगभग 54 प्रतिशत वोट मिले, जबकि 46 प्रतिशत लोगों ने संविधान को फिर से लिखने और इटली की बेहद स्वतंत्र न्यायपालिका में सुधार के सरकार के अभियान का समर्थन किया।
मेलोनी ने एक इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कहा, ”इटली के लोगों ने फैसला कर लिया है और हम इसका सम्मान करते हैं। हमें इटली को आधुनिक बनाने का यह मौका गंवाने का अफसोस है, लेकिन इससे राष्ट्र की भलाई के लिए गंभीरता और दृढ़ता से काम करते रहने की हमारी प्रतिबद्धता में कोई बदलाव नहीं आएगा।”
उन्होंने साफ किया कि उनका त्यागपत्र देने का कोई इरादा नहीं है। जनमत संग्रह में लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं ने हिस्सा लिया था।





