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ई-रुपये से राशन, 48 घंटे में फ्री टिकट कैंसिलेशन और रील से ज्यादा कमाई… सरकार के बड़े फैसले

नई दिल्ली। खबरें अलग-अलग क्षेत्रों से हैं मगर कुल मिलाकर ये न केवल सुविधाओं को बढ़ाएंगी बल्कि आपकी जेब भी भारी करेंगी यानी कमाई भी बढ़ाएंगी। केंद्र सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्य सब्सिडी अब डिजिटल रूप यानी ई-रुपये के माध्यम से मिलेगीउधर, इंटरनेट मीडिया पर कंटेंट जेनरेट करने और रील बनाने वालों को अब पहले के बजाय ज्यादा पैसा मिलेगा। सरकार ने प्लेटफार्मों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। इनके अलावा रेलवे क्लेम लेना भी अब आसान होगा, यह घर बैठे मिलेगा। चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

राशन वितरण में बड़ा बदलाव

ई-रुपये से सीधे मिलेगी सब्सिडीनई व्यवस्था में पात्र लाभार्थियों के लिए एक विशेष डिजिटल वालेट बनाया जाएगा। सरकार तय सब्सिडी राशि इसी वालेट में ई-रुपये के रूप में भेजेगी, जिसे केवल राशन खरीदने के उद्देश्य से ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। पायलट प्रोजेक्ट पुडुचेरी से शुरू हो चुका है। इससे सब्सिडी के दुरुपयोग या राशि के अन्य मदों में खर्च होने की आशंका कम होगी।

हवाई टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर इसे रद कराने पर नहीं लगेगा चार्ज

केंद्र सरकार ने फ्लाइट टिकट कैंसिलेशन को लेकर नए नियम जारी किए हैं। इसके तहत अगर टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर कोई पैसेंजर उसे कैंसिल करता या बदलाव करता है तो ऐसे मामलों में यात्री से कोई एक्‍स्‍ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा। विमानन नियामक डीजीसीए ने इस संबंध में आर्डर जारी किए हैं। एयरलाइंस को अब यात्रियों को 48 घंटे की ‘लुक-इन’ अवधि प्रदान करनी होगी।

रील बनाने और इंटरनेट मीडिया कंटेंट जेनरेट करने से बढ़ सकती है कमाई

सरकार ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मों कहा है कि वे मूल कंटेंट जनरेट करने वालों और रील बनाने वालों के साथ राजस्व का उचित वितरण करें। साथ ही कहा कि यदि यह प्लेटफार्म स्वैच्छिक रूप से ऐसा नहीं करते हैं तो कानून बनाया जाएगा। भारत में कंटेंट निर्माताओं की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन उन्हें उचित लाभ नहीं मिल रहा। इंस्टाग्राम पर 40 करोड़ भारतीय यूजर्स हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत रील देखते हैं।

दिन हो या रात कभी भी घर बैठे लीजिए रेलवे क्लेम

रेल यात्रियों के लिए मुआवजा प्राप्त करना अब और भी सरल हो जाएगा। रेल हादसे, चोट, मौत या सामान के नुकसान की स्थिति में रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल में बार-बार जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ई-आरसीटी सिस्टम के तहत सभी 23 आरसीटी बेंच को आनलाइन प्लेटफार्म से जोड़ा जाएगा। यात्री या उनके स्वजन घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से क्लेम का दावा कर सकेंगे। आवश्यक दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे

Manoj Mishra

Editor in Chief

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