केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) बारहवीं की परीक्षाओं में बड़ी पहल करने जा रहा है। इस वर्ष बारहवीं की परीक्षाओं में कापियों का मूल्यांकन परीक्षक पेन के माध्यम से नहीं, डिजिटल प्रणाली के माध्यम से करेंगे। इससे बोर्ड परीक्षा परिणाम की विश्वसनीयता बढ़ेगी। वहीं, मूल्यांकन और पारदर्शी होने से त्रुटियां भी कम होगी।सीबीएसई दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो गई हैं। ये परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेगी। वर्ष-2026 की 12वीं की परीक्षा से सीबीएसई बोर्ड ने डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू कर एक बड़े बदलाव की महत्वपूर्ण पहल की है। इसका उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, समय की बचत से युक्त और त्रुटि रहित बनाना है।
इस संबंध में सीबीएसई की डिस्ट्रिक्ट सिटी कोार्डिनेटर एवं पीलीभीत शहर के लिटिल एंजेल पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल एनसी पाठक ने बताया कि सीबीएसई की पहल आन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (ओएसएम) से कापी चेक होंगी। इसमें प्रक्रिया हेड एग्जामिनर (एचई), एसोसिएट हेड एग्जामिनर (एएचई) और मूल्यांकनकर्ता की त्रिस्तरीय संरचना के तहत संपन्न होगी।
इस तरह होगा डिजिटल मूल्यांकन
डिजिटल प्रणाली के तहत कापियों का मूल्यांकन कार्य अधिकृत बोर्ड मूल्यांकन केंद्रों पर सुरक्षित नेटवर्क एवं पंजीकृत आइपी एड्रेस के माध्यम से संपन्न कराया जाएगा। साथ ही प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता को केंद्र प्रभारी द्वारा यूजर आईडी एवं पासवर्ड प्रदान किया जाएगा। एनसी पाठक ने बताया कि केवल अधिकृत आइपी एड्रेस से ही पोर्टल पर लागिन की अनुमति होगी।
मूल्यांकन प्रक्रिया मेन एसेसमेंट माड्यूल के माध्यम से स्क्रीन के माध्यम से होगी। डिजिटल प्रणाली के तहत 12वीं की उत्तर पुस्तिकाएं डिजिटल रूप में स्क्रीन पर उपलब्ध होंगी। जूम एवं रोट्रेट जैसी सुविधाओं के माध्यम से उत्तर स्पष्ट रूप से देखे जाएंगे। उत्तरों का मूल्यांकन माउस के माध्यम से किया जाएगा।
साथ ही अंक सीधे डिजिटल प्रणाली में दर्ज किए जाएंगे। कुल अंक स्वतः (आटो कैलकुलेशन) प्रणाली द्वारा जोड़े जाते हैं। इससे त्रुटियों की संभावना कम रहेगी। जरूरत पड़ने पर अंक संशोधन की सुविधा भी है। अतिरिक्त प्रयास किए गए प्रश्नों में न्यूनतम अंक लाल रंग में प्रदर्शित होते हैं और छोड़े गए विकल्प कुल अंक में सम्मिलित नहीं किए जाते हैं।
यूएफएम का भी विकल्प
अनुचित साधन (यूएफएम) के मामलों से संबंधित विकल्प चुनकर कारण एवं टिप्पणी दर्ज की जाती है। आवश्यकता होने पर उत्तर पुस्तिका रिजेक्ट भी की जा सकती है। मूल्यांकन के दौरान प्रश्न पत्र (क्वेश्चन पेपर) एवं समाधान (साल्यूशन) देखने की सुविधा भी उपलब्ध रहती है, जिससे निष्पक्ष एवं मानकीकृत मूल्यांकन सुनिश्चित होता है।
ऐसे अंक होंगे अपलोड
मूल्यांकन पूर्ण होने के बाद सबमिट एवं कंफर्म के माध्यम से अंक सर्वर पर सुरक्षित रूप से अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद अगली उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के लिए उपलब्ध हो जाती है। डिजिटल प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा शिक्षकों को डेटा अपडेट करने के बाद उनके ई-मेल पर लागिन संबंधी जानकारी प्रदान की जाती है।




