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बांग्लादेश में सत्ता बदलते ही एक्शन में तारिक रहमान, मुहम्मद यूनुस को बड़ा झटका

बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद एक बड़ी खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री बनने के बाद तारिक रहमान ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान लिए गए कई फैसलों को पलटना शुरू कर दिया है. सोमवार को बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने एक बड़ा आदेश जारी करते हुए कहा कि 5 अगस्त 2024 के बाद दर्ज किए गए सभी मुकदमों की दोबारा समीक्षा की जाएगी. सरकार का मानना है कि शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मचे हंगामे के बीच कई लोगों के खिलाफ गलत नीयत से मामले दर्ज किए गए थे. पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन मामलों की गहराई से जांच करें ताकि किसी भी बेगुनाह इंसान को बेवजह परेशानी का सामना न करना पड़े.

व्यक्तिगत लाभ के लिए दर्ज हुए फर्जी मुकदमे

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार गृहमंत्री ने विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों के साथ लंबी बैठक की. उन्होंने खुलासा किया कि 5 अगस्त के बाद कुछ लोगों ने अपने निजी फायदे के लिए व्यापारियों, पत्रकारों और अलग-अलग पेशे से जुड़े लोगों को निशाना बनाया था. गृहमंत्री ने साफ कर दिया कि कानून के शासन को स्थापित करने के लिए पुलिस को इन मुकदमों की सच्चाई दोबारा जांचनी होगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी. यह कदम उन लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है जिन्हें राजनैतिक उथल-पुथल के दौरान साजिश के तहत मुकदमों में घसीटा गया था.

भीड़ तंत्र और हिंसा पर सरकार की सख्ती

गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि अब बांग्लादेश में भीड़ तंत्र को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सड़कों को जाम करना या हिंसा के जरिए अपनी मांगें मनवाने का दौर अब खत्म हो चुका है. अगर किसी को कोई शिकायत है, तो उसे कानूनी और संस्थागत तरीके से अपनी बात रखनी होगी. पिछली सरकार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस बल राजनैतिक हस्तक्षेप की वजह से काफी कमजोर हो गया था. उन्होंने समाज में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की भूमिका को सबसे अहम बताया और पुलिस सुधार आयोग की सिफारिशों को लागू करने का भरोसा भी दिया.

पुलिस की छवि सुधारने और भ्रष्टाचार पर वार

पुलिस महकमे में बड़े बदलाव के संकेत देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि अब पुलिस को जनता का सच्चा दोस्त बनना होगा. उन्होंने माना कि पिछले कुछ समय में पुलिस की छवि काफी खराब हुई है, जिसे सुधारने के लिए हर स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता तय की जाएगी. सरकार का लक्ष्य मंत्रालय को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस बल का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसी गलत काम में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. तारिक रहमान सरकार का यह कदम देश में लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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