नई दिल्ली. दिल्ली से हावड़ा के बीच सफर अब और सुरक्षित हो गया है. इस तरह आप सफर का आनंद लें और चादर तानकर सोएं. उत्तर मध्य रेलवे ने दादरी-टूंडला सेक्शन पर स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ का इस्तेमाल किया है,160 किमी/घंटा की गति पर सफल ट्रायल पूरा कर लिया है. प्रयागराज मंडल में 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस रेक के साथ यह ट्रायल किया गया.रेलवे मंत्रालय के अनुसार परीक्षण में स्पीड कंट्रोल, ब्रेकिंग और अन्य सुरक्षा तकनीक की जांच हुई. इस परीक्षण में ‘कवच’ ने 160 किमी/घंटा की उच्च गति पर ट्रेन को सुरक्षित रखा. कुलवा लूप लाइन पर स्पीड कंट्रोल, सिग्नल पासिंग एट डेंजर (एसपीएडी) रोकथाम, कप्यूनिकेशन गैप और आरएफआईडी टैग न होने पर भी सिस्टम ने शानदार प्रदर्शन किया.ऑटो-व्हिसलिंग से क्रासिंग पर स्वचालित सीटी बजाने की सुविधा भी सफल रही. इतालवी सुरक्षा मूल्यांकन संस्था ITALCERTIFER की देखरेख में यह ट्रायल हुआ. अब 16, 17 और 18 फरवरी को डब्ल्यूएपी-5 और डब्ल्यूएपी-7 इंजनों के साथ पारंपरिक कोचों पर ट्रायल किया जाएगा. सभी ट्रायन सफल होने के बाद इस खंड पर ‘कवच’ युक्त ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू होगा.’कवच’ ट्रेनों में मानवीय भूलों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकता है.घने कोहरे, बारिश या खराब मौसम में भी ट्रेनें समय पर और सुरक्षित चलती हैं. यह तकनीक ट्रेनों की गति बढ़ाने के साथ सुरक्षा को भी सुनिश्चित करती है. यात्रियों के लिए इसका मतलब है कि वे चादर तानकर आराम से सो सकते हैं, क्योंकि सिस्टम खुद ट्रेन को नियंत्रित रखता है. उत्तर मध्य रेलवे ने कहा कि यह उपलब्धि रेल यात्रा को और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. दिल्ली से हावड़ा के बीच सफर अब पहले से ज्यादा सुरक्षित और तेज होगा. रेलवे लगातार ‘कवच’ को अन्य सेक्शनों पर भी लागू करने की प्लान है, जिससे पूरे देश में रेल यात्रा सुरक्षित हो सके.
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