जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में एक बंद राइसमिल से करोड़ो की कीमत तेंदू-खैर लकड़ी जब्त किया गया है। वन विभाग की रेड में यहां लगभग 15 ट्रक तेंदू और खैर की लकड़ी मिला। वन विभाग की सक्रियता तस्करी के बड़े रैकेट का भांडाफोड हुआ है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई है।

वन मंडलाधिकारी हिमांशु डोंगरे ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मजदा और ट्रक जैसे वाहनों का उपयोग कर इमारती लकड़ी की तस्करी की जा रही है। उड़नदस्ता टीम ने सोमवार रात इन वाहनों का पीछा करते हुए भादा तक पहुंची और स्थानीय वन अमले को सतर्क किया। इसके बाद संयुक्त रूप से बंद राइस मिल परिसर में छापेमारी की गई। वहां एक अवैध आरा मिल संचालित हो रही थी और लकड़ी का अवैध भंडारण पाया गया।
मौके से बरामद तेंदू और खैर की लकड़ी का व्यापार बिना अनुमति के प्रतिबंधित है। जैसे ही टीम परिसर में पहुंची, वहां मौजूद कर्मचारी फरार हो गए। पूरे परिसर को सील कर दिया गया है और जब्त की गई लकड़ियों की गिनती का कार्य जारी है। एक मजदा और ट्रक में लदी लकड़ी को डिपो भेज दिया गया है। जांच के दौरान, वन विभाग को परिसर से एक डायरी भी बरामद हुई है, जिसमें वाहनों की आवाजाही से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण दर्ज हैं।
इस डायरी को जब्त कर लिया गया है और इसके आधार पर लकड़ी तस्करी में शामिल गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी गई है। विभाग अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी संपर्क स्थापित कर रहा है ताकि इस अवैध कारोबार के तार कहीं और न जुड़े हों। वन अधिकारियों के अनुसार, तेंदू की लकड़ी का उपयोग विशेष रूप से 12 बोर बंदूक की मुट्ठी बनाने में किया जाता है, जबकि खैर की लकड़ी से कत्था तैयार होता है।
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