*जल जीवन मिशन से घर-घर पहुंचा पानी, आसान हुई ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी*
*श्रीमती भगवती श्रीवास को मिली राहत, अब पानी के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं*
कवर्धा, अक्टूबर 2026। घर तक नल से पानी पहुंचना ग्रामीण महिलाओं के लिए केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि समय और श्रम बचाकर जीवन को आसान बनाने वाला बदलाव है। पहले जहां परिवार की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में काफी समय और मेहनत लगती थी, वहीं अब घर पर ही पेयजल उपलब्ध होने से इस जिम्मेदारी से राहत मिल रही है। जल जीवन मिशन से ग्रामीण परिवारों के जीवन में आ रहे इसी बदलाव की कहानी कबीरधाम जिले की श्रीमती भगवती श्रीवास की है, जिनके लिए घर में नल से पानी मिलना रोजमर्रा के कामकाज को आसान बनाने का माध्यम बना है।
पानी लाने में खर्च होता था समय और श्रम
ग्राम निवासी 40 वर्षीय श्रीमती भगवती श्रीवास बताती हैं कि पहले परिवार के लिए पानी की व्यवस्था करना उनकी दिनचर्या का जरूरी हिस्सा था। पेयजल के लिए घर से दूर जाना पड़ता था। पानी लाने में समय और मेहनत दोनों लगते थे। घरेलू कामकाज के साथ पानी जुटाने की जिम्मेदारी निभाना उनके लिए रोजमर्रा का आवश्यक कार्य था।
घर पर नल से पानी मिलने से मिली राहत
जल जीवन मिशन के तहत घर तक नल से पानी उपलब्ध होने के बाद उनकी दिनचर्या में बदलाव आया है। अब उन्हें पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। घर पर ही पानी मिलने से समय और श्रम की बचत हो रही है। इससे घरेलू कामकाज को समय पर पूरा करने में सुविधा मिल रही है। पानी की व्यवस्था में लगने वाला समय बचने से उन्हें अन्य जरूरी कार्यों के लिए भी समय मिल पा रहा है।
जनकल्याणकारी योजनाओं से जीवन हो रहा आसान
श्रीमती भगवती श्रीवास का अनुभव बताता है कि घर तक नल से पानी पहुंचना ग्रामीण परिवारों के लिए पेयजल की उपलब्धता के साथ दैनिक जीवन को सरल बनाने वाला बदलाव भी है। जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को घर पर ही नल से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत ऐसी सफलता की कहानियों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचने और उनके जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों को सामने लाया जा रहा है।





