नई दिल्ली। भारतीय शादियों का सबसे खास और मजेदार पल होता है-बारात। जब दुल्हा और दूल्हे के रिश्तेदार बैंड बाजा लेकर दूल्हन को लेने जाते हैं, वो भी पूरे गाजे-बाजे के साथ। शादियों के सीजन में आपने सड़कों पर बारात का नजारा जरूर देखा और अक्सर एक गाना भी जरूर सुना होगा।
झूम-झूम कर नाचते हैं बाराती
मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) के इस गाने के बिना बारात अधूरी है और पिछले 5 दशकों से अभी भी लोग इस गाने से बोर नहीं हुए बल्कि बारातों में झूम-झूम कर इस पर नाचते हैं। यह इतना मशहूर है कि बैंड पर सिर्फ इसकी धुन सुनते ही लोग थिरकने लगते हैं क्योंकि इसका अंदाजा वे पहले ही लगा लेते हैं अब कौन सा गाना बजने वाला है।
कल्ट सॉन्ग के बिना अधूरी है शादियां
रफी साहब की आवाज में गाया गया और शम्मी कपूर (Shammi Kapoor) पर फिल्माए गए इस गाने के बिना शादियां अधूरी है। यह गाना 1969 में रिलीज हुई फिल्म प्रिंस (Prince) का है जिसके बोल हैं- बदन पे सितारे लपेटे हुए, ओ जान-ए-तमन्ना किधर जा रही हो
सोनू निगम की आवाज में हुआ था रीक्रिएट
यह रफी की चंचल आवाज और शम्मी कपूर की बेमिसाल ऑन-स्क्रीन एनर्जी के बेहतरीन तालमेल को दिखाता है। इस सदाबहार गाने को 2018 में ‘फन्ने खान’ फिल्म के लिए फिर से बनाया गया था। सोनू निगम (Sonu Nigam) शुरू में रफी साहब के क्लासिक गानों को दोबारा गाने में हिचकिचा रहे थे, लेकिन जब अनिल कपूर ने खुद उनसे ऐसा करने का अनुरोध किया, तो उन्होंने सम्मान के नाते इसके लिए हामी भर दी।इस गाने को शंकर-जयकिशन ने कंपोज किया था और इसके लिरिक्स हसरत जयपुरी ने लिखे थे और शम्मी कपूर और वैजयंती माला पर इसे फिल्माया गया था। सालों बाद भी यह गाना लोगों के दिलो दिमाग पर छाया हुआ है और आज भी लोग इसके बजते ही खुद को थिरकने से रोक नहीं पाते।





