मानसून और गर्मी के मौसम में कई बार घर, गार्डन या आसपास गोह यानी ‘मॉनिटर लिजार्ड’ दिखाई दे जाती है. इसे देखकर लोग घबरा जाते हैं, लेकिन हर गोह इंसानों के लिए खतरनाक नहीं होती. Wildlife SOS के मुताबिक भारत में मिलने वाला बंगाल मॉनिटर जहरीला नहीं होता और आमतौर पर इंसानों से दूरी बनाए रखता है. हालांकि, डरने या उसे छेड़ने पर यह काट सकती है या पंजों से हमला कर सकती है.
घर में गोह क्यों आ जाती है
जानकारी के लिए बता दें कि गोह अक्सर खाने और पानी की तलाश में रिहायशी इलााकों तक पहुंच जाती है. घर के आसपास चूहे, कीड़े-मकौड़े, सांप, खुले में रखा पालतू जानवरों का खाना, कूड़ा और घनी झाड़ियां इसे आकर्षित कर सकती हैं. दीवारों की दरारें और अंधेरे कोने भी इनके छिपने की जगह बन सकते हैं.
गोह दिखे तो उसे छेड़ें नहीं
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सबसे जरूरी बात यह है कि गोह को पकड़ने, घेरने या मारने की कोशिश न करें. Wildlife SOS के अनुसाार मॉनिटर लिजार्ड वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित है. ऐसे में इसे नुकसान पहुंचाने के बजाय स्थानीय वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम की मदद लेना बेहतर है
घर के आसपास इन चीजों का रखें ध्यान
अगर आपके घर के अंदर गार्डन है तो आप उसके अंदर आाप घनी झाड़ियों की नियमित सफाई करें. इसके अलावा, गार्डन के कोनों में कूड़ा जमा न होने दें और पालतू जानवरों का खाना खुले में न छोड़ें. नालियों को जाली से ढकें और दीवारों या दरवाजों के आसपास मौजूद बड़े गैप बंद करें. इससे घर के आसपास वन्यजीवों के छिपने की जगह कम होगी.
लहसुन-प्याज का करें इस्तेमाल
तेज गंध वाली चीजों को गोह भगाने का पक्का और सुरक्षित उपाय मानना ठीक नहीं है. खासकर नेफ्थलीन की गोलियां बच्चों और पालतू जानवरों के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं. इसलिए किसी घरेलू नुस्खे के बजाय गोह को सुरक्षित रास्ता देना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम बुलाना सबसे बेहतर तरीका है. Wildlife SOS भी मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में सुरक्षित रेस्क्यू की सलाह देता है.





