भिलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा पूछे गए एक महत्वपूर्ण प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम भिलाई द्वारा जामुल (कुरूद) के समीप प्रस्तावित बायोगैस/बायोफ्यूल प्लांट के स्थल परिवर्तन का कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है और यह प्लांट निर्धारित स्थल पर ही स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 60 करोड़ है। यह प्लांट प्रतिदिन 130 टन नगरीय ठोस अपशिष्ट का प्रसंस्करण करने में सक्षम होगा।

आपको बता दें कि इस परियोजना हेतु ग्राम जामुल और ग्राम कुरूद में कुल 5.5 एकड़ भूमि का चयन किया गया है। इस भूमि का लीज डीड पंजीयन 11 दिसंबर 2025 को निष्पादित किया जा चुका है। इस प्लांट निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों के विरोध पर सदन में विधायक रिकेश सेन द्वारा स्थानीय निवासियों की सहमति और जनसुनवाई के संबंध में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थल चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है। लीज डीड के पंजीयन से पूर्व 14 नवंबर 2025 को कलेक्टर न्यायालय दुर्ग द्वारा शाम 5 बजे बाकायदा जनसुनवाई आयोजित की गई थी।
स्थल परिवर्तन की मांग खारिज
विधायक द्वारा प्लांट को किसी अन्य निर्जन स्थान पर स्थानांतरित करने के सुझाव पर सरकार ने रुख साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि वर्तमान प्रस्तावित स्थल की उपयोगिता की पुष्टि कलेक्टर, जिला दुर्ग द्वारा 5 दिसंबर 2025 को जारी राजस्व आदेश के माध्यम से की जा चुकी है। इसे किसी अन्य स्थान पर ले जाने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
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