धनबाद रेल मंडल के गोमो-बरकाकाना रेलखंड अंतर्गत डुमरी बिहार और दनिया रेलवे स्टेशनों पर पैसेंजर ट्रेनों से अवैध रूप से लकड़ियों का परिवहन किया जा रहा है। ट्रेनों में बड़ी मात्रा में लकड़ी के बोटे ठूंस दिए जाने से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पैसेंजर के यात्रियों ने बताया कि दनिया और डुमरी रेलवे स्टेशनों पर लकड़ी के बोटे उतारे जाते हैं और आरपीएफ की शिथिलता व कथित मिलीभगत के कारण तस्कर आसानी से लकड़ी लेकर स्टेशन से बाहर निकल जाते हैं। इस मामले को लेकर विहिप के प्रांत सह प्रमुख विनय कुमार ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों को सूचना दी है। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट बरकाकाना को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विनय कुमार ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं और वन विभाग इसके लिए भारी बजट भी खर्च करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो जिला प्रशासन और न ही वन विभाग गंभीर नजर आ रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों बोटे अवैध लकड़ी पैसेंजर ट्रेनों के जरिए भेजे जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को बैठने और आने जाने में भारी दिक्कत हो रही है।
हाल ही में गोमिया में वन विभाग ने गोमिया थाना पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन से अधिक लकड़ी कारोबारियों को पकड़कर वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। फिर भी जंगल कटाई करने वाले माफियाओं द्वारा लकड़ी का कारोबार लगातार जारी है।
ठोस कार्रवाई की जाएगी गोमिया रेंज के वनरक्षी नित्या चंद्र महतो ने कहा कि डुमरी-दनिया क्षेत्र मेरे अंडर में नहीं आता है। फिर भी अगर कहीं से जंगल से लकड़ी की अवैध कटाई होती होगी तो इसकी गहनता से जांच कर वरीय अधिकारियों को सूचना देने के साथ ही ठोस कार्रवाई की जाएगी।





