छत्तीसगढ़

गिरौदपुरी मेला 2026 की तैयारी तेज, मंत्री खुशवंत साहेब और गुरु बालदास साहेब की मौजूदगी में अहम बैठक

बलौदाबाजार: गिरौदपुरी धाम मेला, छत्तीसगढ़ की आस्था, सामाजिक चेतना और समरसता का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. इस मेले की प्रशासनिक तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं. मंत्री खुशवंत साहेब और उनके पिता गुरु बालदास साहेब ने बलौदाबाजार के जिला पंचायत सभाकक्ष में गिरौदपुरी धाम में मेले की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली.

बैठक में अधिकारी और समाज के पदाधिकारी शामिल हुए

इस बैठक में कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ सहित जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. सतनामी समाज के सामाजिक पदाधिकारी और प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए और श्रद्धालुओं से जुड़ी जरुरतों और अनुभवों को साझा किया.

सिर्फ आयोजन नहीं, आस्था और इतिहास का प्रतीक

गिरौदपुरी धाम सतनामी समाज की आत्मा, गुरु घासीदास बाबा के संदेश और सामाजिक समरसता का जीवंत केंद्र है. हर साल देश प्रदेश के लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. प्रशासन और समाज दोनों के लिए यह चुनौती होती है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. बैठक का मुख्य उद्देश्य यही था कि इस वर्ष का मेला पिछले वर्षों से अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक कैसे बनाया जाए.

जिन्होंने पहली बार इस मेले की नींव रखी, उनका सम्मान जरूरी-मंत्री खुशवंत साहेब

बैठक समाप्त होने के बाद मंत्री खुशवंत साहेब और गुरु बालदास साहेब ने मीडिया से विस्तार से बातचीत की. मंत्री खुशवंत साहेब ने सबसे पहले गिरौदपुरी मेले की परंपरा और उसके इतिहास को याद करते हुए कहा, ”सबसे पहले मैं उन सभी लोगों का सम्मान करना चाहता हूं, जिन्होंने इस मेले की शुरुआत की और इसे यहां तक पहुंचाया. यह मेला किसी एक व्यक्ति या सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था का विषय है.”

गिरौदपुरी धाम में आने वाला हर श्रद्धालु सम्मान का पात्र है और उसकी सुविधा सर्वोपरि है-खुशवंत साहेब, मंत्री

स्वास्थ्य, बिजली और सड़क पर खास फोकस

मंत्री खुशवंत साहेब ने बताया कि इस वर्ष मेले में पिछले साल की तुलना में दोगुनी व्यवस्था की जा रही है, खासकर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर. उन्होंने कहा,”स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है. एंबुलेंस, दवाइयों और मेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाएगी. जहां ट्रांसफार्मर की जरूरत होगी, वहां बेहतर बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो.मेला क्षेत्र तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.”

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था, पुलिस प्रशासन अलर्ट

बैठक में पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियों की जानकारी दी.

⦁ मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी

सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था होगी

⦁ श्रद्धालुओं को जाम या अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा

मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि अब तक के इतिहास में गिरौदपुरी मेले में कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई है और हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि यह परंपरा आगे भी बनी रहे.

ठहरने, भोजन और विश्राम की व्यवस्था, बाहर से आने वालों पर खास ध्यान

मंत्री और गुरु बालदास साहेब ने मीडिया को बताया कि इस वर्ष बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए ठहरने और भोजन की व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया है. उन्होंने कहा बिलासपुर, रायपुर और दूरदराज के इलाकों से लोग यहां आते हैं. दर्शन के बाद कई श्रद्धालु थोड़ी देर बैठना या विश्राम करना चाहते हैं. इसके लिए आने वाले समय में सर्वसुविधायुक्त कमरे और विश्राम स्थल विकसित करने की योजना है.

मास्टर प्लान पर काम, हर साल बेहतर होती व्यवस्था

बैठक में यह भी तय किया गया कि गिरौदपुरी धाम के लिए दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा. इसका उद्देश्य यह है कि हर साल अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय स्थायी समाधान तैयार हों. मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा, ”हम चाहते हैं कि कोई यह न कहे कि बाबा जी के धाम में सुविधा कम हो गई। हर साल व्यवस्था पहले से बेहतर हो, यही हमारा लक्ष्य है.”

कंट्रोल रूम और शिकायत व्यवस्था, तत्काल समाधान का भरोसा

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला अवधि में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी. मंत्री ने कहा कि अगर समाज के लोगों या श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की अव्यवस्था दिखे,तो वे सीधे कंट्रोल रूम में शिकायत कर सकते हैं, उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

गुरु बालदास साहेब का संदेश, ‘श्रद्धा और व्यवस्था दोनों जरूरी’

गुरु बालदास साहेब ने कहा कि गिरौदपुरी धाम में आने वाला हर व्यक्ति श्रद्धा के साथ आता है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उसकी श्रद्धा को ठेस न पहुंचे. उन्होंने कहा कि ”अब तक कोई श्रद्धालु यहां से खाली हाथ नहीं गया है. सबकी मनोकामना पूरी होती है और हमारी कोशिश है कि कोई भी असुविधा के साथ वापस न जाए.”

समाज और प्रशासन का संयुक्त प्रयास

बैठक में शामिल सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने भी प्रशासन की पहल की सराहना की और सहयोग का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि समाज की ओर से भी वालंटियर, सेवा और मार्गदर्शन में पूरा सहयोग दिया जाएगा.

गिरौदपुरी मेला 2026 की मजबूत तैयारी

बलौदाबाजार में हुई यह बैठक साफ संकेत देती है कि गिरौदपुरी मेला 2026 को लेकर सरकार, प्रशासन और समाज तीनों गंभीर और एकजुट हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को केंद्र में रखकर तैयारियां की जा रही हैं. मंत्री खुशवंत साहेब और गुरु बालदास साहेब की मौजूदगी ने इस आयोजन को सामाजिक और भावनात्मक मजबूती भी दी है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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