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महिलाओं द्वारा संचालित पहली स्मेल्टर लाइन के साथ वेदांता एल्युमीनियम लैंगिक विविधता को करेगा मजबूत

कंपनी का लक्ष्य है वित्तीय वर्ष 2030 तक अपनी वर्कफोर्स में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को 30 प्रतिशत तक पहुँचाना
रायपुर। भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा के झारसुगुडा स्थित अपने प्रचालन में एक पूरी स्मेल्टर लाइन को महिलाओं द्वारा संचालित बनाने की घोषणा की है। कंपनी का ध्येय अपने कार्यबल में लैंगिक समानता लाना और कार्यस्थल समावेशन को बढ़ावा देना है। इस दिशा में यह एक परिवर्तनकारी कदम है, क्योंकि इस स्मेल्टर लाइन का संचालन और रखरखाव केवल महिला कर्मचारियों द्वारा ही किया जाएगा। गौर तलब है कि झारसुगुडा स्मेल्टर दुनिया के सबसे बड़े एल्युमीनियम स्मेल्टरों में से एक है।

office boy girl

वेदांता एल्युमीनियम की यह अग्रणी पहल कार्यस्थल पर महिलाओं की भागीदारी में इजाफा करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। इस प्रकार कंपनी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विविधता, समानता और समावेशन के पहलुओं पर एक अग्रगामी संगठन के रूप में अपनी स्थिति को पुख्ता कर रही है। वेदांता के कार्यबल में जेंडर विविधता का प्रतिशत सबसे अधिक है। गौर करने वाली बातहै कि धातु, खनन और भारी इंजीनियरिंग उद्योगों के मामले में यह बेहद असामान्य बात है, क्योंकि दुनिया भर में इन उद्योगों में जेंडर विविधता का आँकड़ा एकल अंक में ही रहा है और वह भी काफी नीचे है।

इस पहल के अंतर्गत एसईजेड में स्थित स्मेल्टर की एक पॉटलाइन को पूरी तरह से महिलाओं द्वारा प्रबंधित संचालन में परिवर्तित किया जा रहा है। पॉटलाइन एल्युमीनियम गलाने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण घटक है, जहाँ एल्युमीनियम धातु का उत्पादन करने के लिए इलेक्ट्रोलाइटिक रिडक्शन किया जाता है। इस परियोजना को तीन चरणों में क्रियान्वित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न स्तरों, विशेषज्ञता और दक्षताओं में 100 से अधिक ड्यूटी पोजि़शंस की पहचान की गई है। स्मेल्टर और अन्य व्यावसायिक इकाइयों से महिला कर्मचारियों को आंतरिक जॉब पोस्टिंग, डायवर्सिटी कनेक्ट प्रोगाम और सूचना प्रसार पहलों के जरिए चुना गया है। इन महिला कर्मचारियों को टेक्निकल एंकर्स और वरिष्ठ नेतृत्व के सहयोग से विशेष ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे कुशलता से नए दायित्व को निभा सकें।

इस पहल के महत्व पर वेदांता एल्युमीनियम के मुख्य परिचालन अधिकारी सुनील गुप्ता ने कहा, ‘हमारा मानना है कि विविधता और समावेशन मिलकर इनोवेशन और प्रचालन उत्कृष्टता को आगे बढ़ाते हैं। कोर मैन्युफैक्चरिंग में महिलाओं को ज्यादा मौके दे कर हम न केवल उद्योग की रूढिय़ों को तोड़ रहे हैं, बल्कि एक न्यायसंगत एवं भविष्य हेतु तैयार कार्यस्थल भी बना रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े स्मेल्टरों में से एक में यह पहल हमारे व्यवसाय में जेंडर विविधता को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।’ वेदांता एल्युमीनियम के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी पंकज सुरेका ने कहा, ‘वेदांता एल्युमीनियम में हम ‘शक्ति से प्रगति’ के फलसफे में विश्वास करते हैं। हम समान अवसरों की रचना कर रहे हैं और ऐसे कदमों में तेजी ला रहे हैं, जो महिलाओं को शॉप फ्लोर से लेकर उच्च पदों तक सभी कार्यों में नेतृत्व करने में सक्षम बनाएं।

वेदांता एल्युमीनियम सभी भूमिकाओं में जेंडर भेदभाव से मुक्त होकर समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, यह सुनिश्चित करते हुए कि महिलाएँ स्मेल्टिंग, खनन, बिजली उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, संपत्ति सुरक्षा और प्रोक्योरमेंट में विविध जिम्मेदारियाँ संभालें। कंपनी का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2030 तक वर्कफोर्स में महिलाओं का 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व हासिल करना है। इसके अतिरिक्त, जेंडर संतुलन सुनिश्चित करने के लिए, वेदांता एल्युमीनियम नए पदों पर 50 प्रतिशत महिलाओं को प्राथमिकता देती है। इस पहलू पर अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए कंपनी ने धातु व खनन उद्योग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई पहलें की हैं। इनमें प्रोजेक्ट श्री शक्ति शामिल है, जिसने ओडिशा प्रचालन में महिलाओं के लिए रात की शिफ्ट शुरू की। ऐसा राज्य में पहली बार हुआ है, और प्रोजेक्ट पंछी के तहत उच्च शिक्षा व रोजगार के अवसरों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके हाशिए पर मौजूद समुदायों की युवा लड़कियों की जिंदगी में परिवर्तन लाया जा रहा है।

वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता लिमिटेड का एक व्यवसाय है, जो भारत का सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024 में भारत के आधे से अधिक एल्युमीनियम यानी 23.7 लाख टन का उत्पादन किया है। यह वैल्यू-ऐडेड एल्युमीनियम उत्पादों में अग्रणी है, जिनका कोर इंडस्ट्रीज़ में बेहद महत्वपूर्ण इस्तेमाल होता है। वैश्विक एल्युमीनियम उद्योग में एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असैसमेंट 2024 विश्व रैंकिंग में वेदांता एल्युमीनियम दूसरे स्थान पर है। यह उपलब्धि सतत विकास अभ्यास हेतु कंपनी की प्रतिबद्धता की परिचायक है। भारत में अपने विश्व स्तरीय एल्युमीनियम स्मेल्टर, एल्युमिना रिफाइनरी और बिजली संयंत्रों के साथ कंपनी धरती के हरेभरे कल के लिए ‘भविष्य की धातु’ के रूप में एल्युमीनियम की उभरती एप्लिकेशंस को बढ़ावा देने के अपने मिशन पर निरंतर आगे बढ़ रही है।

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Manoj Mishra

Editor in Chief

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