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मनोज कुमार-साधना का राग पहाड़ी पर आधारित 62 साल पुराना गाना, पहले हुआ रिजेक्ट फिर लता की आवाज में रचा इतिहास, इसके बिना अधूरा था चित्रहार

नई दिल्ली:

बॉलीवुड के कई ऐसे गाने हैं जो सदाबहार गाने (Evergreen Songs) हैं. वे कई दशकों बाद भी म्यूजिक लवर्स के दिलों पर राज करते हैं. खासकर क्लासिक सॉन्ग्स की क्रेज अब भी लोगों के दिलों में बरकरार है. उस समय के संगीतकारों नौशाद, आर. डी. बर्मन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, नदीम-श्रवण ने एक से बढ़कर एक गाने दिए जो लोगों के दिलों को छू गए. साहिर लुधियानवी, गुलजार, आनंद बख्शी द्वारा रचित गाने और लता मंगेशकर, किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, और मुकेश जैसे महान गायकों की आवाजों ने इन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया है.

आज हम ऐसे ही एक गाने के बारे में बताने जा रहे हैं. वह गाना है ‘लग जा गले कि फिर ये हसीन रात हो न हो’. इसकी धुन में मोहब्बत की तड़प, बिछड़ने का एक अनकहा डर है. यह बेहद रुहानी गाना है. करीब छह दशक बाद भी यह गाना खूब पसंद किया जाता है. यह गाना 1964 में आई फिल्म ‘वो कौन थी’ का है, इसे गाया है लता मंगेशकर ने और संगीत दी है मदन मोहन ने.  राजा मेहदी अली खान ने दिल छू लेने वाले बोल लिखे हैं

रिजेक्ट कर दिया गया था गाना 

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गाने को पहले डायरेक्टर ने रद्दी कहकर रिजेक्ट कर दिया था. जीहां पहली बार में फिल्म के निर्देशक राज खोसला ने इस गाने को पसंद नहीं किया. राज खोसला को मदन मोहन ने ये गाना सुनाया. लेकिन उन्होंने इस गाने को रद्दी समझकर रिजेक्ट कर दिया था. हालांकि मदन मोहन को अपनी धुन पर भरोसा था. वह फिल्म हीरो मनोज कुमार के पास पहुंचे और उन्हें यह गाना गाकर सुनाया. उन्होंने कहा,  ‘मनोज जरा राज को समझाओ. यह धुन बहुत खास है, इसे एक बार फिर वह ध्यान से सुनें. मनोज कुमार को यह गाना पसंद आया और उन्होंने राज खोसला से दोबारा उस गाने को सुनने को कहा. मनोज कुमार के कहने पर राज खोसला ने दोबारा उस धुन को सुना तो वह हैरान थे. बाद में उन्हें यह गाना बेहद पसंद आया और उन्होंने फिल्म में लिया.

राग पहाड़ी पर आधारित है गाना 

इस गाने के बोल ही नहीं, धुन भी बेहद खूबसूरत है. मदन मोहन ने इसे राग पहाड़ी पर तैयार किया. पहाड़ी संगीत में प्रकृति, दूरी, विरह और पुकार का भाव होता है. यह गाना खुशी के साथ एक हल्की उदासी भी देता है.

फ्लॉप फिल्म बनी कल्ट  

गाने को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज से सजाया.  रिलीज के बाद लोगों को यह कुछ खास पसंद आई.  हालांकि समय के साथ यह गाना कल्ट साबित हुआ. लोगों ने इस गाने को बार बार सुना.  धुन को पहचाना और गहराई को महसूस किया. समय के साथ रेडियो, टेलीविजन और बाद में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यह गाना पॉपुलर हो गया.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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