बस्ती. बारसाव दुबहिया. छोटे से गांव से निकलकर देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा में अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता. इसके लिए मेहनत के साथ लंबी तैयारी और खुद पर भरोसा भी चाहिए. ग्राम बारसाव दुबहिया के अभयनाथ दुबे ने कुछ ऐसी ही कहानी लिखी है. संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की ओर से आयोजित CAPF Assistant Commandant 2025 परीक्षा में अभयनाथ ने ऑल इंडिया रैंक 347 हासिल की है. अभयनाथ की इस सफलता के बाद उनके परिवार के साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है. घर पर बधाई देने वालों का पहुंचना लगातार जारी है. परिवार और गांव के लोग उनकी इस उपलब्धि को गर्व के पल के तौर पर देख रहे हैं.अभयनाथ दुबे, श्री सूर्यनारायण दुबे उर्फ टीटी के पुत्र हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश में ही हुई. उन्होंने कक्षा 8वीं तक की पढ़ाई यूपी से पूरी की. इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए मुंबई का रुख किया. अभयनाथ ने सेंट्रल रेलवे स्कूल एंड जूनियर कॉलेज, कल्याण मुंबई से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी के गवर्नमेंट कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की. विज्ञान विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उनके सामने करियर के कई रास्ते थे, लेकिन उन्होंने देश सेवा को अपना लक्ष्य बनाया.प्रयागराज और लखनऊ को बनाया तैयारी का ठिकाना
असिस्टेंट कमांडेंट बनने का सपना अभयनाथ के लिए सिर्फ सपना नहीं रहा. उन्होंने इसके लिए तैयारी शुरू की और प्रयागराज तथा लखनऊ को अपनी तैयारी का केंद्र बनाया. इन दोनों शहरों में रहकर उन्होंने परीक्षा की तैयारी की. उन्होंने परीक्षा के हर चरण के लिए अनुशासित दिनचर्या बनाई. पढ़ाई के दौरान लगातार तैयारी, सही रणनीति और समय के इस्तेमाल पर ध्यान दिया. विज्ञान में मास्टर डिग्री होने के बावजूद अभयनाथ की जनरल स्टडीज पर भी अच्छी पकड़ रही. CAPF जैसी परीक्षा में यह उनकी तैयारी का एक मजबूत हिस्सा बना.
सफलता का श्रेय माता-पिता और भाई-बहन को दिया
अपनी सफलता के बाद अभयनाथ ने इसका श्रेय अपने माता सांवरी दुबे, पिता सूर्यनारायण दुबे, बहन दुर्गावती पांडेय, नीलम, विजयलक्ष्मी, मनीषा और भाई राघवेंद्र और शिवेंद्र दुबे को दिया है. उनका कहना है कि परिवार के लोगों का लगातार विश्वास और सहयोग उनके लिए बहुत मायने रखता रहा. इसी भरोसे के कारण वे अपने लक्ष्य पर टिके रहे और आखिरकार इस मुकाम तक पहुंचे.
पहले नेवी में भी हो चुका है चयन
अभयनाथ की उपलब्धियों की कहानी सिर्फ CAPF परीक्षा तक सीमित नहीं है. इससे पहले उनका चयन नेवी में भी हो चुका है. वे नेवी में अपनी सेवाएं भी दे चुके हैं. ऐसे में देश सेवा के क्षेत्र में जाने का उनका सपना पहले से ही जुड़ा रहा है. अब CAPF Assistant Commandant परीक्षा में AIR 347 हासिल करने के बाद उनके करियर का अगला पड़ाव और बड़ी जिम्मेदारी वाला होने जा रहा है.क्रिकेट, किताबें और घूमना भी पसंद
पढ़ाई और तैयारी के बीच अभयनाथ अपनी पसंद के लिए भी समय निकालते रहे हैं. उन्हें क्रिकेट खेलना पसंद है. इसके अलावा किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना भी उनकी पसंद में शामिल है. उनकी कहानी में खास बात यह भी है कि विज्ञान विषय से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा के लिए जनरल स्टडीज जैसे व्यापक विषय पर मजबूत पकड़ बनाई. उन्होंने तैयारी को किसी एक विषय तक सीमित नहीं रखा और परीक्षा के हर चरण के हिसाब से अपनी रणनीति पर काम किया.गांव में जश्न, सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोग दे रहे बधाई
CAPF Assistant Commandant 2025 का परिणाम सामने आने के बाद बारसाव दुबहिया में अभयनाथ के नाम की चर्चा है. गांव के लोगों के लिए यह सिर्फ एक परिवार की सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का मौका है. परिवार में खुशी का माहौल है और घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. वहीं सोशल मीडिया पर बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी सहित कई यूजर्स बधाई प्रेषित कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अभयनाथ ने अपनी मेहनत से गांव का नाम आगे बढ़ाया है. एक छोटे से गांव से शुरू हुई पढ़ाई, मुंबई में आगे की शिक्षा, फिर प्रयागराज और लखनऊ में लगातार तैयारी और आखिरकार देशभर में 347वीं रैंक. अभयनाथ दुबे की यह यात्रा बताती है कि लक्ष्य साफ हो और तैयारी लगातार चलती रहे तो रास्ता कितना भी लंबा हो, मंजिल हासिल की जा सकती है.





