भारत हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाले पांच देशों की सूची में शामिल, पीएम बोले- जींद के लिए खास दिन
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद रेलवे जंक्शन से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रूट पर अपनी सेवाएं देगी। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन गया है। इससे पहले जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन में ही हाइड्रोजन ट्रेनें चल रही हैं। इसके अलावा मोदी ने एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, दो मेडिकल कॉलेजों समेत 8 प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा- जींद-सोनीपत के बीच चलने वाली यह ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। इस ट्रेन को भारत के इंजीनियरों ने डिजाइन किया है और भारत की ही कंपनी ने बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि फिलहाल यह ट्रेन करीब 90 किलोमीटर के रूट पर चलेगी, लेकिन भविष्य में इसके विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। हम लगातार शोध करते रहेंगे, ताकि इसकी लागत कम हो और इसकी दक्षता बढ़ाई जा सके।
यह दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में अभी केवल तीन-चार देशों के पास ही हाइड्रोजन ट्रेन संचालित करने की क्षमता है और वहां भी यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है। ऐसे में भारत की हाइड्रोजन तकनीक और क्षमता पूरे देश के लिए गर्व की बात है। जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। यह परिचालन दूरी के लिहाज से भी दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन सेवाओं में से एक है। इस हाइड्रोजन ट्रेन को भारत के ही इंजीनियर्स ने डिजाइन किया है, भारत की ही कंपनी ने इसे बनाया है।
हाइड्रोजन तकनीक के क्षेत्र में बड़ा कदम : रेलमंत्री वैष्णव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत ने हाइड्रोजन तकनीक के क्षेत्र में बड़ा संकल्प लिया है और इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। देश अब उन पांच देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का संचालन हो रहा है। जींद में स्थापित हाइड्रोजन प्लांट में हाइड्रोजन से बिजली तैयार की जाती है, जिससे यह ट्रेन संचालित होती है। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे किसी प्रकार का धुआं या प्रदूषण नहीं फैलता। उत्सर्जन के रूप में केवल पानी की बूंदें और जलवाष्प निकलती हैं इसलिए यह पर्यावरण अनुकूल तकनीक मानी जाती है।
75 किमी रफ्तार और 89 किलोमीटर का सफर
10 कोच वाली यह ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर 14 स्टेशनों के बीच अधिकतम 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। ट्रेन 89 किलोमीटर का सफर करीब 2 घंटे में पूरा करेगी। आम लोगों को लाभ मिले इसके लिए इसका किराया 5 से 25 रुपए के बीच रखा गया है।
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