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प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर, 125 किसानों को मिला प्रशिक्षण

काकरोद पंचायत में प्राकृतिक खेती क्लस्टर काकरोद, ईशरमंड और सोहनगढ़ के 125 किसानों को प्राकृतिक खेती को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सहायक कृषि अधिकारी राजेश कुमार माहेश्वरी ने किसानों को प्राकृतिक खेती एनएमएनएफ योजना के तहत संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। माहेश्वरी ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से मानव, पशु और धरती के स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कृषि विभाग की विभिन्न अनुदान योजनाओं जैसे तारबंदी, पाइपलाइन, फार्म पॉन्ड, कृषि यंत्र, सोलर पंप और स्प्रिंकलर सेट पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से राज किसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने तथा प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य शुरू करने की अपील की। उन्होंने बताया कि अनुदान राशि डीबीटी योजना के तहत जन आधार से जुड़े किसान के बैंक खाते में भौतिक सत्यापन के बाद जमा की जाती है।

आवेदन के लिए किसान जमाबंदी की नकल, नक्शा ट्रेस और कृषक श्रेणी प्रमाण पत्र के साथ जन आधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। तारबंदी योजना की जानकारी देते हुए माहेश्वरी ने बताया कि लघु एवं सीमांत किसानों को 400 मीटर परिधि तक 48 हजार रुपए, अन्य श्रेणी किसानों को 40 हजार रुपए तथा सामुदायिक तारबंदी पर 56 हजार रुपए तक अनुदान दिया जाता है। इसके लिए कम से कम 0.5 हेक्टेयर जमीन एक ही परिधि में होना आवश्यक है। िकसान व्यक्तिगत या समूह में आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण में कृषि पर्यवेक्षक रमेश कुमार स्वामी ने बीजामृत, पंचामृत, धनजीवामृत बनाने की विधि और सामग्री की जानकारी दी।

उन्होंने नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र के माध्यम से कीट नियंत्रण के बारे में भी बताया। गोवर्धन जैविक योजना के तहत वर्मी बेड निर्माण पर 10 हजार रुपए अनुदान की जानकारी दी। कृषि पर्यवेक्षक कृष्णा शर्मा ने गर्मी की गहरी जुताई, बीज उपचार, भूमि उपचार और फार्म पॉन्ड पर मिलने वाले अनुदान के बारे में बताया। वहीं नरेंद्र कुमार गुर्जर ने सोलर पंप, स्प्रिंकलर, ग्रीन हाउस, मल्चिंग, बूंद-बूंद सिंचाई और बगीचा स्थापना योजनाओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण में कृषि सखी, कृषक मित्र सहित ईश्वरदास एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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