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चिलचिलाती धूप में गायों की मौज! गर्मी भगाने के लिए पिलाया जा रहा गुलाब शरबत, खाने में मिल रहे ककड़ी-तरबूज

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. आसमान से आग बरस रही है और पारा लगातार ऊपर जा रहा है. इस भीषण गर्मी में इंसान तो जैसे-तैसे अपना बचाव कर लेता है, लेकिन बेजुबान जानवरों के लिए यह समय बहुत भारी होता है. ऐसे में सहारनपुर के एक गांव से इंसानियत और गौ सेवा की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. यहां गायों को गर्मी से बचाने के लिए किसी मेहमान की तरह वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है.सहारनपुर के नकुड़ कस्बे के गांव नारायणपुर में स्थित ‘कान्हा गौशाला’ में ग्रामीणों ने मिलकर एक अनोखी शुरुआत की है. इस गौशाला में करीब 200 आवारा गायें और गोवंश मौजूद हैं. इन गायों को लू और हीट वेव से बचाने के लिए गांव के लोग उन्हें सादे पानी की जगह गुलाब का शरबत पिला रहे हैं. आमतौर पर लोग खुद को ठंडा रखने के लिए गुलाब का शरबत पीते हैं, लेकिन नारायणपुर के लोगों ने अपनी गौ माता के प्रति प्यार दिखाते हुए उनके लिए यह खास इंतजाम किया है.खाने में भी मिल रहे हैं ठंडे फल और सब्जियां
गौशाला में गायों के सिर्फ पीने का ही नहीं, बल्कि खाने का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है. यहां गायों को सिर्फ सूखा भूसा नहीं दिया जा रहा, बल्कि चारे के साथ ठंडी सब्जियां और फल भी खिलाए जा रहे हैं. उनके डाइट चार्ट में खीरा, ककड़ी, खरबूजा, तरबूज और केले जैसे फल शामिल हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इन चीजों से गायों के शरीर में पानी की कमी नहीं होती और उन्हें अंदर से ठंडक मिलती है.पूरी तरह हर्बल है यह गुलाब शरबत
गौ सेवा में जुटे अनिल सैनी बताते हैं कि यह कोई दिखावा नहीं बल्कि सच्ची सेवा है. उन्होंने बताया कि जो शरबत गायों को पिलाया जा रहा है, वह पूरी तरह देसी और हर्बल है. इसे गुलाब के फूलों और चुकंदर से तैयार किया गया है. यह शरबत न केवल गायों के शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि उनके हाजमे के लिए भी बहुत अच्छा है.हैरानी की बात यह है कि यह नेक काम यहां रोजाना नियम से किया जाता है. खासकर जब एकादशी का दिन होता है, तो पूरा गांव गौशाला में उमड़ पड़ता है. उस दिन ग्रामीण मिलकर भारी मात्रा में फल, सब्जियां और शरबत का इंतजाम करते हैं.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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