रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर के मनोरोग विभाग द्वारा वर्ल्ड एसोसिएशन फॉर डायनेमिक साइकियाट्री (इंडिया चैप्टर) का द्वितीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का आयोजन Chhattisgarh Psychiatric Society, वर्ल्ड एसोसिएशन फॉर सोशल साइकियाट्री, Indian Psychiatric Society तथा इंडियन टीचर्स ऑफ साइकियाट्री के सहयोग से किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश के मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लेकर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, मनोचिकित्सा और सामाजिक-मानसिक परिप्रेक्ष्य पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल ने किया। इस अवसर पर इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. टी.एस.एस. राव तथा चांदखुरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सम्मेलन में वर्ल्ड एसोसिएशन फॉर डायनेमिक साइकियाट्री (इंडिया चैप्टर) के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. रॉय अब्राहम कल्लियावल्ली, उपाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राकेश चड्ढा, महासचिव डॉ. स्नेहिल गुप्ता, प्रोफेसर डॉ. लोकेश सिंह तथा डॉ. अजय कुमार भी मौजूद रहे।
दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से लगभग 120 मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, जिनमें मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और मनोरोग नर्स शामिल थे, ने सहभागिता की। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। इनमें स्विट्जरलैंड के प्रोफेसर नॉर्मन सार्टोरियस, यूनाइटेड किंगडम की प्रोफेसर स्वर्णा सिंह, ऑस्ट्रेलिया के प्रोफेसर एमेरिटस मोहन इसाक तथा इटली की डॉ. आयरीन बट्टाग्लिनी प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रोफेसर आर. रघुराम, प्रोफेसर वासुदेव पारालिकर, डॉ. अजीत भिडे, प्रोफेसर प्रताप शरण तथा प्रोफेसर डॉ. टी.एस.एस. राव ने विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों को संबोधित किया। सम्मेलन में मानव मन के विविध आयामों को समझने, व्यक्ति को उसके सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक संदर्भ में देखने तथा मानसिक स्वास्थ्य उपचार में मनोचिकित्सा की भूमिका को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। विभिन्न आयु वर्गों में मनोचिकित्सा के उपयोग और उसकी प्रभावशीलता पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
सम्मेलन के दौरान स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने शैक्षणिक प्रतियोगिताओं, पुरस्कार श्रेणियों और क्विज़ प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को कला, शिल्प और फोटोग्राफी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। आयोजन को पर्यावरण अनुकूल स्वरूप में सम्पन्न किया गया। मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए अधिक संख्या में प्रशिक्षित काउंसलरों की जरूरत है। उन्होंने इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी से इस दिशा में ठोस पहल करने का आग्रह किया।
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