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दुर्ग में अफीम की खेती से मचा हड़कंप, मक्के की आड़ में हो रही थी खेती… पुलिस व प्रशासन की रेड

भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आया है। जेवरा सिरसा थाना क्षेत्र के समोदा गांव में अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन व पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से रेड की कार्रवाई की। ग्राम समोदा में मधुमति ताम्रकार और प्रीति बाला ताम्रकर के खेत में अफीम की खेती की जा रही थी। यहां ऊपर से मक्का और बीच में अफीम साथ में बोई गई। इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती से जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन सकते में हैं। फिलहाल खेत के मालिक विनायक ताम्रकर व यहां खेती करने वाले राजस्थानी व्यक्तियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

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दरअसल अफीम की खेती का जानकारी गांव के सरपंच अरुण गौतम को वाट्सएप पर एक फोटो देखकर शक हुआ। इसके बाद गूगल मैप से इसकी जांच की गई तो अफीम की खेती की पुष्टि हुई। 5 मार्च को सरपंच के माध्यम से जेवरा चौकी में सूचना दी गई और फोटो भी भेजे गए। सरपंच ने पुलिस को बताया कि मक्के की फसल की आड़ में अफीम की खेती की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस व प्रशासन की टीम ने रेड की। शुक्रवार को रात होने के कारण जांच रोकी गई है। शनिवार को फिर से खेत की जांच शुरू की गई।

दो एकड़ में अफीम की खेती
पुलिस के अनुसार ग्राम समोदा और झेंजरी के पास स्थित खसरा नंबर 310 की यह जमीन मधुमति ताम्रकार और प्रीति बाला ताम्रकर की है। कुल 9 एकड़ 92 डिसमिल जमीन पर खेती हो रही है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर अफीम की फसल है। 4 से 5 एकड़ में मक्के की फसल लगी हुई है और इसके बीच अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस को मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे लगे मिले। इसके बाद पुलिस ने मौके पर तहसीलदार और आरआई को बुलाया। इसके बाद कलेक्टर और प्रशासन की टीम भी खेत में पहुंची। खेत में लगी फसल का निरीक्षण किया गया और सैंपल इकट्ठे किए गए।

सरपंच ने कहा फोटो से मिली जानकारी
समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम ने बताया कि यह जमीन विनायक और बृजेश ताम्रकार की है। उनके परिवार के कई लोगों के नाम पर यह जमीन दर्ज है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही उन्हें इसकी जानकारी मिली थी, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। व्हाट्सऐप पर एक फोटो आने के बाद ही इस खेती के बारे में पता चला। वहीं इस मामले में विनायक ताम्रकर का का कहना है कि अफीम की खेती के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि जमीन अधिया में खेती के लिए दी गई थी। प्रीतिबाला ताम्रकर और मधु बाला ताम्रकर के खेत में राजस्थानी लोग चोरी-छिपे अफीम की खेती कर रहे थे मामले की जांच पुलिस विभाग की ओर से की जा रही है।  उन्हें अफीम की खेती की जानकारी नहीं थी।

जांच के बाद होगा खुलासा
इस मामले में दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि समोदा गांव में अफीम की खेती की सूचना मिली जो शुरुआती जांच में सही पाई गई है। जांच के दायरे में आने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले का पूरा खुलासा हो सकेगा।

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Manoj Mishra

Editor in Chief

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