धर्म

मोक्षदा एकादशी पर करें तुलसी से जुड़े उपाय, घर में होगा माता लक्ष्मी का वास

नई दिल्ली। मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। वहीं, इस दिन (Mokshada Ekadashi 2025) तुलसी माता से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और धन का स्थायी वास होता है।

जल और कच्चा दूध चढ़ाएं

मोक्षदा एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद तुलसी के पौधे में जल या गाय का कच्चा दूध अर्पित करें। इसके बाद तुलसी की सात बार परिक्रमा करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय को करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और जीवन में शुभता आती है।

तुलसी माला से मंत्र जाप

अगर आप भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो मोक्षदा एकादशी तिथि पर तुलसी की माला से भगवान विष्णु के नामों का या उनके मंत्रों का जप करें। ऐसा करने से जीवन के सभी दुखों और संकटों से छुटकारा मिलता है। साथ ही भाग्य का साथ मिलता है।

खीर में तुलसी दल

भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए इस दिन उन्हें केसर की खीर का भोग लगाएं। ध्यान रहे कि भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें, क्योंकि तुलसी दल के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। कहा जाता है कि इस उपाय को करने से श्री हरि की कृपा मिलती है और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

घी का दीपक और परिक्रमा

इस दिन सूर्यास्त के बाद तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जरूर जलाएं। इसके साथ ही आप तुलसी के पौधे की 11 बार परिक्रमा भी कर सकते हैं। मान्यता है कि जो साधक एकादशी पर तुलसी पूजन करता है, उनके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं।  जगन्नाथ डॉट कॉम यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।  जगन्नाथ डॉट कॉम अंधविश्वास के खिलाफ है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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