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महाराष्ट्र का पारंपरिक लोकगीत जो आज भी बजता है शादियों में, श्रीदेवी की फिल्म से हुआ था सुपरहिट

नई दिल्ली। श्रीदेवी की फिल्म इंग्लिश-विंग्लिश का गाना नवराई माझी याद है आपको? ये गाना शादी के एक सीक्वेंस में फिल्माया गया था और इतना हिट हुआ कि आज भी शादियों में बजाया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं ये गाना असल में एक लोकगीत से बना है? जी हां, ये गाना महाराष्ट्र के शादी-ब्याह में गाए जाने वाले पारंपरिक लोकगीतों से प्रेरणा लेकर बनाया गया है। इस गाने के लिरिक्स और म्यूजिक काफी उन्हीं लोगों से प्रेरित हैं। आइए जानें कैसे मराठी लोकगीत से बना ये गाना।

महाराष्ट्र की संस्कृति से जुड़ा गाना

नवराई मांझी महाराष्ट्र की  लोक संस्कृति से जुड़ा है और इस पूरे गाने में इसकी झलक देखने को मिलती है। इस गाने की शुरुआत मराठी भाषा में ही होती है, जिसमें परिवार वाले कहते हैं कि उनकी बेटी बहुत प्यारी है और उसे चांद से बहुत प्यार है। गाने के ये मराठी बोल मराठी संस्कृति की मिठास पेश करते हैं।

पारंपरिक धुनों का आधुनिकता से मेल

पारंपरिक महाराष्ट्रीयन धुनों को इस गाने में आधुनिक संगीत के साथ इस तरह मिलाया गया है कि इस गाने को सुनते ही आपके पैर अपने आप थिरकने लगेंगे। इसलिए ये गाना  और लोग इस पर जमकर ठुमके भी लगाते हैं।

परिवार का बेटी के लिए प्यार

ये गाना सिर्फ शादी के उत्साह को बयां नहीं करता है। इसमें दुल्हन का परिवार अपनी कामना भी जाहिर करता है कि जैसे लाड़-प्यार से उन्होंने अपनी बेटी को रखा है, वैसे ही दूलहा भी उसे उतने ही प्यार से रखे, क्योंकि उनकी बेटी बहुत नाजुक है।

दुल्हन की नजाकत होती है बयां

दुल्हन बनते ही लड़की में कैसे शर्माने लगी है। उसकी खूबसूरती और कपड़ों के साथ उसकी शर्म को भी काफी चुलबुले और छेड़छाड़ के अंदाज में गाया गया है। यहीं कारण है कि नवराई माझी आज भी शादियों की प्लेलिस्ट में जरूर शामिल किया जाता है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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