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तेंदूपत्ता संग्राहक के बेटे अजय गुप्ता बने भारतीय वन सेवा के अधिकारी, सीएम साय ने बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकली एक प्रतिभा ने आज देश की सर्वाेच्च सेवाओं में अपनी जगह बनाकर प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। रायगढ जिले के सम्बलपुरी ग्राम के एक साधारण तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के सुपुत्र अजय गुप्ता ने अपने अटूट संकल्प से भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि कड़े संघर्ष और सही मार्गदर्शन की मोहताज होती है।

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रायगढ़ के संबलपुरी गांव में तेंदूपत्ता और महुआ बीनने वाला अजय गुप्ता अब IFS अधिकारी बन गया है। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए अजय ने पूरे देश में 91वीं रैंक हासिल की। अब वही जंगल, जो कभी परिवार की रोजी-रोटी था, उसकी जिम्मेदारी बनने जा रहा है। अजय गुप्ता ने 12वीं कक्षा में भी शानदार प्रदर्शन किया और इसके बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में प्रवेश मिला। एनआईटी में पढ़ाई के दौरान भी उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिलती रही। अजय कहते हैं कि पहले सपने बहुत बड़े नहीं थे। लगता था कि हमारी दुनिया बस गांव तक सीमित है, लेकिन एनआईटी में एडमिशन लेने के बाद नजरिया बदल गया। पहली बार लगा कि मैं भी कुछ बड़ा कर सकता हूं। अजय कहते हैं कि जंगल उनके बचपन से ही जिंदगी का हिस्सा रहा है। जंगल ने उन्हें सिर्फ रोजगार नहीं दिया, बल्कि जीवन की दिशा भी दी। वह कहते हैं बचपन से मेरा जुड़ाव जंगल से रहा है। जंगल ने मुझे बहुत कुछ दिया है, बस्तर में काम करने के दौरान भी जंगल से रिश्ता और मजबूत हुआ।

संघर्ष की जमीन से सफलता के आसमान तक
अजय का बचपन जंगलों के बीच वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी करते हुए बीता। संघर्ष के दिनों को याद करते हुए अजय बताते हैं। माता-पिता अधिक शिक्षित नहीं थे, लेकिन उन्होंने बच्चों की शिक्षा को ही अपना लक्ष्य माना। छुट्टियों के दौरान अजय स्वयं जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करने में माता-पिता की मदद करते थे। अभावों के बीच भी उन्होंने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी योग्यता का परिचय दिया था। अजय की इस लंबी उड़ान में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने ‘कैशलेस सपोर्ट’ और आर्थिक संबल प्रदान किया। लघु वनोपज संघ की छात्रवृत्ति ने स्कूल से कॉलेज तक की पढ़ाई के दौरान इस छात्रवृत्ति ने आर्थिक बोझ को कम किया। राज्य शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से उन्हें निरंतर वित्तीय सहायता मिली, जिससे वे अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके।

छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के विश्वास की जीत : सीएम साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के अजय गुप्ता को भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होने पर बधाई देते हुए कहा कि अजय ने न केवल अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि एक ऐसा युवा जिसने स्वयं जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहित किया, आज उन्हीं वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। हमारी सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ और ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान की है। अजय की उपलब्धि यह दर्शाती है कि सही अवसर मिलने पर हमारे ग्रामीण अंचल के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपना स्थान सुनिश्चित कर सकते हैं।

वन मंत्री ने जताया गौरव, हजारों परिवारों के सपनों का प्रतीक
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अजय गुप्ता को फोन कर बधाई दी और उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। मंत्री जी ने कहा कि अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के उन हजारों वनाश्रित परिवारों की जीत है जो जंगलों के बीच रहकर बड़े सपने देखते हैं। यह साबित करता है कि हमारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि ऐसे ही सशक्त भविष्य का निर्माण करना है। अजय गुप्ता आज उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं जो सीमित संसाधनों में IFS जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत सच्ची हो और शासन का साथ मिले, तो वनांचल का कोई भी युवा देश के शीर्ष पद तक पहुँच सकता है।

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Manoj Mishra

Editor in Chief

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